
जयपुर।
राजस्थान की गहलोत सरकार ने आखिरकार भरतपुर के नगर स्थित राजकीय महाविद्यालय का नाम पुलवामा में शहीद हुए जीतराम गुर्जर के नाम पर रखने की मंजूरी दे दी है।इस सिलसिले में उच्च शिक्षा विभाग ने उप शासन सचिव स्तर पर परिपत्र भी जारी किया गया है। इस आदेश के बाद अब ये महाविद्यालय 'शहीद जीतराम राजकीय महाविद्यालय, नगर भरतपुर के नाम से जाना जाएगा।
इधर, वीरांगनाओं की कुछ मांगों को लेकर पिछले दिनों आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सांसद किरोड़ी लाल मीणा सरकार के इस फैसले से अब भी पूरी तरह से खुश नहीं हैं। सांसद डॉ मीणा ने अब भी अपनी आपत्ति दर्ज करवाई है। सांसद का कहना है कि राज्य सरकार ने नगर के कॉलेज का नाम पुलवामा में शहीद जीतराम गुर्जर के नाम पर रखने की मंजूरी तो दे दी है, लेकिन 10 दिन तक सरकार के दरवाजे पर धरना देने वाली शहीद की पत्नी की मांगें सुनने की बजाय पुलिस ने जो उनके साथ दुर्व्यवहार किया, उसका क्या?
अब शहीद हेमराज की प्रतिमा हो स्थापित
सांसद डॉ मीणा ने एक बयान जारी कर कहा कि सरकार को शहीद हेमराज मीणा के परिजन की मांग भी माननी चाहिए। परिजन शुरुआत से सांगोद के अदालत चौराहे पर उनकी प्रतिमा स्थापित करने की मांग कर रहे हैं। अंत्येष्टि में गए मंत्रियों ने ऐसा करने का आश्वासन दिया था। उनकी पत्नी मधुबाला मीणा इसी मांग को लेकर 10 दिन तक धरने पर रहीं।
तीन बार हो चुकी प्रतिमा स्थापित
सांसद ने कहा कि सरकार का तर्क है कि शहीद हेमराज की पहले से ही दो प्रतिमा स्थापित हैं, लेकिन इन्हें परिजन की इच्छा के विपरीत सांसद व विधायक ने लगवाया है। एक भी प्रतिमा स्थापित नहीं करने वाली सरकार कह रही है कि तीसरी मूर्ति कैसे लगाएं, जबकि पूर्व में भी इस तरह के उदाहरण हैं। शहीद कैप्टन चंद्र चौधरी की 3 प्रतिमाएं स्थापित हैं। एक प्रतिमा का लोकार्पण स्वयं मुख्यमंत्री ने 2003 में किया था। इनकी दूसरी प्रतिमा का लोकार्पण वसुंधरा राजे ने 2008 में किया था। तीसरी प्रतिमा का लोकार्पण 2020 में किया गया था।
सांसद रंजीता ने किया सचिन पायलट का ज़िक्र
भाजपा सांसद रंजीता कोली ने भी गहलोत सरकार के शहीद के नाम पर महाविद्यालय के नामकरण पर आपत्ति दर्ज करवाई है। उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि क्या मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के प्रति द्वेष इतना बढ़ गया है कि उन्होंने शहीद जीतराम के नाम में से गुजर शब्द ही हटा दिया? राजस्थान के विकास एवं तरक्की में गुर्जर समाज का सदैव ही महत्वपूर्ण योगदान रहा है। आपको कोई हक नहीं बनता कि इस प्रकार के कृत्य से आप पूरे गुर्जर समाज को अपमानित करें।
Published on:
23 Mar 2023 02:48 pm
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