राजस्थान की धरा को बीते कुछ बरसों में अपराध के जिस घिनौने स्वरूप ने सबसे ज्यादा ‘शर्मसार’ किया है, वो है महिला यौन दुराचार। क्राइम कंट्रोल के राज्य सरकार के लाख दावों के उलट प्रदेश की जेलों के आंकड़े भी यही बयां कर रहे हैं। जहां हत्या, लूट-डकैती के बाद ‘दुष्कर्म के दोषियों’ का ग्राफ बढ़ा है। पेश है एक रिपोर्ट :-