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11 साल का टूटा रिकाॅर्ड, प्रदेश में मेघ बरसने में राजस्थान पहुंचा टाॅप-पांच में

11 साल का टूटा रिकाॅर्ड, अब मानसून की सुस्त पड़ी रफ्तार, सात शहरों में पारा पहुंचा 37 डिग्री के पार, प्रदेश में फिलहाल मौसमी तंत्र सक्रिय नहीं होने से गर्मी और उमस का असर होगा तेज
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जयपुर

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Kamlesh Kumar Sharma

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Updated: 30 Aug 2022, 11:56 AM IST

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जयपुर.श्रावण और भाद्रपद मास में प्रदेश में इस बार मानसून के मेघ जमकर मेहरबान हुए। हाडा़ैती अंचल समेत अन्य जगहों पर हुई मूसलाधार बारिश ने देशभर में राजस्थान को चौथे नंबर पर ला खड़ा कर दिया। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक तमिलनाडु और तेलंगाना के बाद लद्दाख ही ऐसे क्षेत्र है, जहां राजस्थान से ज्यादा बारिश हुई है। प्रदेश में 13 अगस्त के बाद मानसून की दूसरी पारी ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। 11 साल में सबसे ज्यादा बारिश होने के साथ ही प्रदेश के हर जिले में औसत से ज्यादा पानी बरसा। झालावाड़ कोटा की ओर से प्रवेश करते हुए मानसून पूरी तरह से मेहरबान रहा।

मानसून से दोगुना हुआ बांधों का पानी
मानसून ने बांधों को न सिर्फ लबालब किया बल्कि छलकने तक को मजबूर कर दिया। मानसून से पहले 15 जून तक प्रदेश के बांधों का जल स्तर 4319 एमक्यूएम था, जो मानसून में बढ़कर दोगुना से ज्यादा 1004.69 एमक्यूएम हो गया। वर्ष 2011 से अब तक की सर्वाधिक बारिश होने से सभी बांधों में पानी भी सबसे ज्यादा ही पहुंचा है।पश्चिमी राजस्थान के 11 जिलों में रहने वाले किसानों को इस बार अपनी फसल के लिए नहर की ओर ज्यादा ताकना नहीं पड़ा। सिंचाई पानी के लिए इंद्रदेव ने इतनी बरसात कर दी कि खेतों में पानी देने के बजाय बारिश का पानी बाहर निकालना पड़ा।

अब थमा बारिश का दौर
प्रदेश में बारिश का दाैर पूरी तरह से थम चुका है। दाे से तीन दिन में ज्यादातर शहराें में पारा दो से तीन डिग्री तक बढ़ गया। दिन का पारा साेमवार काे सात शहराें में 35 डिग्री से ऊपर रहा। सर्वाधिक 37.4 श्रीगंगानगर में दर्ज हुआ। हनुमानगढ़, कराैली, अलवर, बीकानेर, चूरू, पिलानी आदि में भी सामान्य से अधिक तापमान दर्ज किया। मौसम केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि मानसून सिस्टम कमजाेर हाेने से पश्चिमी हवाएं सक्रिय होने से वातावरण में नमी कम हाेने से तापमान बढ़ा है।

आगामी दिनों में परिसंचरण तंत्र सक्रिय होने के आसार नहीं
बंगाल की खाड़ी में फिलहाल कोई नया परिसंचरण तंत्र सक्रिय होने के आसार नहीं है। ऐसे में अगले 7 से 10 दिन तक तेज बारिश के आसार नहीं हैं। आगामी दिनों में दिन और रात का तापमान बढ़ेगा। इस बीच बीते 24 घंटे में पाली व श्रीगंगानगर में बूंदाबांदी हुई। अगले 24 घंटे पूर्वी राजस्थान में कोटा, झालावाड़, बूंदी, बारां में बूंदाबांदी की संभाावना है।