
एनर्जी कंजर्वेशन के लिए होगा शोध व अनुसंधान
एनर्जी कंजर्वेशन के लिए होगा शोध व अनुसंधान
— राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम करवाएगा प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान से शोध
— अक्षय ऊर्जा निगम की सीएसआर गतिविधियां होगी विस्तारित
— एसीएस एनर्जी डॉ. सुबोध अग्रवाल ने जताई जरूरत
जयपुर। राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम (Rajasthan Renewable Energy Corporation) देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान से राज्य में एनर्जी कंजर्वेशन (Energy Conservation) के लिए शोध व अनुसंधान (Research) करवाएगा। वहीं कोर्पोरेट सोशियल रेस्पांसबिलिटी के तहत कार्यों को भी विस्तारित किया जाएगा। राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम के संचालक मण्डल की बैठक में एसीएस ऊर्जा और अक्षय ऊर्जा निगम के सीएमडी डॉ. सुबोध अग्रवाल ने इसकी जरूरत जताई। इस अवसर पर अक्षय ऊर्जा निगम को नई दिल्ली में पुरस्कार स्वरुप प्राप्त शिल्ड और प्रशस्ति पत्र डॉ. अग्रवाल को भेंट किया गया।
एससीएस ने बताया है कि एनर्जी कंजर्वेशन आज और भविष्य की आवश्यकता है और इसके लिए निरंतर शोध व अनुसंधान जरूरी है। अक्षय ऊर्जा निगम सामाजिक दायित्व को निभाते हुए कोर्पोरेट सोशियल रेस्पांसबिलिटी के तहत कार्यों को भी विस्तारित करेगा। इसके तहत सीएसआर में उपलब्ध राशि से स्वास्थ्य, शिक्षा व स्पोर्ट्स जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने में सहयोग करेगा। डॉ. अग्रवाल ने राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम को प्रदेश को ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करने पर बधाई दी, साथ ही कहा कि अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में राजस्थान उत्तरोत्तर प्रगति कर रहा है।
बैठक में प्रमुख सचिव राजस्व आनंद कुमार ने अक्षय ऊर्जा निगम की सीएसआर गतिविधियों को विस्तारित करने का सुझाव दिया। जैसलमेर जिला कलक्टर आशीष मोदी और एडीएम जोधपुर व बीकानेर ने भी वर्चुअली हिस्सा लिया। राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम की सीएस गजल सक्सेना ने विस्तार से लेखों की जानकारी दी। बैठक में अक्षय ऊर्जा निगम की नोख परियोजना की पीपीटी के माध्यम से प्रगति की जानकारी दी गई।
Published on:
17 Dec 2021 08:34 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
