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रेजिडेंट डॉक्टरों ने दिया सरकार को तीन दिन का समय, मांगे नहीं मानी तो सोमवार से शुरू करेंगे हड़ताल

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jaipur

जयपुर। प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों के रेजिडेंट डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर सोमवार से हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे हैं। अपनी मांगों को लेकर रेजिडेंट डॉक्टरों के एक प्रतिनिधि मण्डल ने गुरुवार को सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.यू.एस.अगवाल से वार्ता की और अपनी मांगों का ज्ञापन दिया।

जयपुर एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स के अध्यक्ष रवि जाखड़ और संयुक्त सचिव डॉ. मुकेश महला ने बताया कि उनकी मुख्य मांग सीनियर रेजिडेंट शिप एक साल करना और नए रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए आवास सुविधा उपलब्ध करवाना है। उन्होने बताया कि राजस्थान में सहायक आचार्य के लिए एक वर्ष की ही न्यूनतम सीनियर रेजिडेंट शिप जरूरी है।

नए मेडिकल कॉलेजों में सहायक आचार्य के पद को भरने के लिए अधिक से अधिक डॉक्टर्स योग्य हो इसके लिए जरूरी सभी को सीनियर रेजिडेंट शिप का अवसर मिले।
उन्होंने बताया कि सीनियर रेजिडेंट शिप के लिए इंटरव्यू के साथ परीक्षा प्रणाली एक निश्चित समय पर सीटों के साथ लागू की जाए। सत्र से पहले सीटें खाली होती है तो इंटरव्यू को आधार माना जाए।

अभी यह समय एक साल से बढ़ाकर तीन साल तक किया हुआ है। गांवों में नहीं जाने के चक्कर में डॉक्टर यह समय बढ़ाते हैं। इस कारण नए डॉक्टरों को सीनियर रेजिडेंट शिप करने का मौका नहीं मिल पाता है। इस संबंद्ध में रेजिडेंट डॉक्टर पिछले एक माह से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और मंत्री से मुलाकात कर रहे हैं। अब उन्होने हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है।

उन्होंने बताया कि पीजी सीटों में लगभग दो गुणा बढ़ोतरी के बावजूद रेजिडेंट डॉक्टरों के रहने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो पाई है। मजबूर अधिकतर रेजिडेंट डॉक्टर्स किराए का मकान लेकर रह रहे हैं। इस कारण उन्हे काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। अब मांगों पर कोई सकारात्मक रूख सामने नहीं आने पर रेजिडेंट डॉक्टरों ने सरकार की तीन दिन का समय देते हुए सोमवार से हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।