
जयपुर। रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल को हाई कोर्ट की फटकार के बाद समाप्त कर दिया गया है। अदालत ने रेजिडेंट डॉक्टरों की मांगों पर सुनवाई के दौरान उनकी हड़ताल को अनुचित करार दिया और कहा कि यह समाधान नहीं है। जस्टिस समीर जैन ने जार्ड के अध्यक्ष को कहा कि उनकी मांगें हो सकती हैं, लेकिन हड़ताल इसका समाधान नहीं है।
रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल के चलते चिकित्सा सेवाओं में गंभीर बाधा उत्पन्न हो गई थी। अब शाम को एक रेजिडेंट्स ने मीटिंग बुलाई गई है, जिसमें हड़ताल समाप्ति की औपचारिक घोषणा की जाएगी। डॉक्टर सियोल ने इस संबंध में जानकारी दी कि हड़ताल समाप्त हो चुकी है और मीटिंग में अंतिम औपचारिकता पूरी की जाएगी।
वहीं हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान कॉलेज के प्रिंसिपल दीपक माहेश्वरी को अचानक सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। उनकी स्थिति बिगड़ने पर उन्हें तुरंत एसएमएस हॉस्पिटल की इमरजेंसी में भर्ती किया गया। यहां उनकी जांच की गई और उन्हें बांगड़ परिसर के कार्डियक वार्ड में शिफ्ट किया गया। 2 डी ईको और ईसीजी जांच के बाद, उन्हें कैथलैब में भेजा गया। जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार किया गया। जानकारी के अनुसार प्रिंसिपल दीपक माहेश्वरी की एंजियोप्लास्टी की गई और उनके एक स्टेंट डाला गया।
वहीं हाई कोर्ट ने रेजिडेंट डॉक्टरों की मांगों को समझते हुए एक कमेटी का गठन किया है। जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो। अब सभी रेजिडेंट डॉक्टर आज से काम पर लौटेंगे। बता दें कि पिछले 16 दिन से जयपुर में रेजिडेंट्स ने हड़ताल की। जिसके कारण एसएमएस सहित अन्य अस्पतालों में हालात बिगड़ गए और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है।
Updated on:
23 Oct 2024 05:10 pm
Published on:
23 Oct 2024 04:59 pm
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