
अंबेडकर की प्रतिमा का दुग्धाभिषेक करते एमएलए बालमुकुंद आचार्य
राजस्थान की राजधानी जयपुर में हवामहल विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक स्वामी बालमुकुंद आचार्य एक बार फिर सुर्खियों में हैं। अवसर था भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 136वीं जयंती का, जिसे भारतीय जनता पार्टी 'समरसता पर्व' के रूप में मना रही है। इस मौके पर स्वामी बालमुकुंद आचार्य का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला, जहाँ उन्होंने न केवल स्वच्छता का संदेश दिया, बल्कि बाबा साहेब की प्रतिमा का दुग्धाभिषेक कर सनातन और संविधान के संगम की एक नई तस्वीर पेश की।
हवामहल क्षेत्र के जयसिंहपुरा खोर (वार्ड संख्या 14) में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विधायक ने बाबा साहेब की प्रतिमा का विधि-विधान से दुग्धाभिषेक किया। भगवा वस्त्रों में सजे स्वामी जी द्वारा संविधान निर्माता का दुग्धाभिषेक करने के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग इसे सामाजिक समानता और धार्मिक आस्था के मेल के रूप में देख रहे हैं।
केवल औपचारिकता तक सीमित न रहकर विधायक बालमुकुंद आचार्य ने शिव कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में स्थित अंबेडकर पार्कों में स्वच्छता अभियान का नेतृत्व किया। प्रतिमा स्थल और आसपास के परिसर की सफाई की। उन्होंने संदेश दिया कि महापुरुषों का सम्मान केवल माल्यार्पण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके स्मारकों की पवित्रता और स्वच्छता बनाए रखना भी हमारा कर्तव्य है।
इस दौरान क्षेत्रवासियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि डॉ. अंबेडकर केवल एक वर्ग के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के गौरव हैं। उन्होंने समानता, न्याय और बंधुत्व का जो मार्ग दिखाया है, उसी पर चलकर एक सशक्त भारत का निर्माण संभव है। स्वामी जी ने आह्वान किया कि समाज में ऊंच-नीच के भेद को मिटाकर समरसता की भावना को सुदृढ़ करना ही बाबा साहेब को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम में भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और स्थानीय नेता शामिल हुए। विधानसभा संयोजक मनोज भारद्वाज, जयपुर शहर उपाध्यक्ष सुरेश गुर्जर, जलमहल मंडल अध्यक्ष अमित पारीक सहित कई पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने समरसता पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
अशोक गहलोत द्वारा संविधान और अंबेडकर जयंती पर दिए गए हालिया बयानों के बीच बालमुकुंद आचार्य की यह सक्रियता भाजपा की ओर से एक मजबूत 'काउंटर' के रूप में देखी जा रही है। जहाँ विपक्ष सरकार पर संविधान विरोधी होने का आरोप लगा रहा है, वहीं स्वामी जी का यह 'दुग्धाभिषेक' अवतार भाजपा के 'सबका साथ, सबका विकास' के नारे को मजबूती प्रदान कर रहा है।
Updated on:
14 Apr 2026, 5:28 PM IST
Published on:
14 Apr 2026, 5:23 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.