
जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने अजमेर स्थित राजस्व मंडल (रेवेन्यू बोर्ड) के सदस्य बीएल मेहरड़ा, सदस्य सुनील शर्मा और दलाल (वकील) शशिकांत जोशी को शनिवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। तीनों के रविवार को मानसरोवर मेट्रो स्टेशन के पास न्यायाधीश के आवास पर पेश किया, जहां से उन्हें 2 दिन के रिमांड पर एसीबी को सौंप गया। एसीबी की पूछताछ में आरोपी सुनील शर्मा ने बताया कि राजस्व मंडल में अभी 64000 प्रकरण लंबित हैं। सुनील बोर्ड में 4 साल से सदस्य है। एसीबी सूत्रों का मानना है कि 4 साल में रेवेन्यू बोर्ड में 400 से 500 प्रकरणों का 'निस्तारण' किया गया।
एसीबी की जांच में सामने आया है कि आरोपी कोड वर्ड में एक लाख रुपए को 'एक किलो' या 'एक पेज' बोलते थे। यानि 100 किलो या 100 पेज का मतलब एक करोड़ रुपए। इधर, डीजी बीएल सोनी और एडीजी दिनेश एमएन ने रविवार को एसीबी मुख्यालय पहुंचकर रेवन्यू बोर्ड से संबंधित प्रकरणों की जानकारी ली।
नोट, पुराने नोट, बैंक लॉकर और खाते मिले
एसीबी को दलाल शशिकांत के घर से 10500 के पुराने ऐसे नोट भी मिले हैं, जो बंद हो चुके है। एसीबी दोनों सदस्यों और दलाल के बैंक खाते, लॉकर और प्रॉपर्टी के दस्तावेज खंगालेगी। दलाल शशिकांत के 5 बैंक खातों और एक लॉकर की जानकारी मिली है। दलाल के घर से सम्पत्ति के दस्तावेज भी जब्त हुए हैं। इसके अलावा सर्च के दौरान कुल 80 लाख रुपए बरामद किए गए थे।
अन्य सदस्यों के नाम से भी लेते थे रुपए
एसीबी ने बताया कि आरोपी सदस्य (आरएएस) सुनील बोर्ड के अन्य सदस्यों के नाम से भी रुपए लेता था। इसकी तस्दीक की जा रही है। एसीबी दोनों सदस्यों को ओर से दिए गए फैललों से संबंधित फाइलें भी जब्त करेगी। एसीबी में उक्त कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बजरंग सिंह शेखावत के नेतृत्व में की गई। प्रकरण में अनुसंधान अधिकारी अजमेर एसीबी के एसपी समीर कुमार सिंह को बनाया गया है।
लैपटॉप से बाहर आएंगे राज...
एसीबी टीम ने शशिकांत के घर से 2 लैपटॉप भी जब्त किए हैं। इनमें लेन-देन का हिसाब, मंडल के लिखित फैसले और डेटा मिलने की संभावना है।
Published on:
12 Apr 2021 02:40 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
