27 जुलाई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Rajasthan Roadways: राजस्थान में रोडवेज बसों की सुधरेगी दशा, यात्रियों का सफर होगा आसान

Rajasthan Roadways: रोडवेज बसों की देखरेख व इनकी दशा सुधार के लिए रोडवेज ने मेरी बस, मेरी जिम्मेदारी अभियान शुरू किया है।
2 min read
Google source verification
Rajasthan-Roadways-3

राजस्थान रोडवेज बस (फोटो: पत्रिका)

Rajasthan Roadways: कोटपूतली। रोडवेज बसों की देखरेख व इनकी दशा सुधार के लिए रोडवेज ने मेरी बस, मेरी जिम्मेदारी अभियान शुरू किया है। यात्रियों की शिकायत दूर करने व उनका सफर आसान करने के लिए रोडवेज कर्मचारी बसों की निगरानी रखेंगे। रोडवेज के मिस्त्रियों को प्रभारी बना कर देखेरख व रख रखाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सहायक कर्मचारियों को प्रभारी का दायित्व दिया गया है। एक प्रभारी के पास तीन -तीन बसों की जिम्मेदारी रहेगी। कोटपूतली आगार में भी यह अभियान शुरू हो गया है।

पहले चरण में बसों के रंग रोगन का कार्य शुरू किया गया है। अभियान के तहत बसों की बॉडी रिपेयर, इलेक्ट्रिकल कार्य, सुरक्षा उपकरणों की जांच, सीटों की मरम्मत, टायरों की स्थिति, डीजल औसत सुधार जैसे कार्य कराए जाएंगे। डिपो में उपलब्ध वाहनों का 50 प्रतिशत कार्य 15 जून और शेष कार्य 30 जून तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

कोटपूतली आगार की 22 बसें

कोटपूतली आगार की 22 बसें है और इतने ही मिस्त्री है। इसलिए एक मिस्त्री एक बस का प्रभारी रहेगा। जो आसानी से एक बस की देखरेख कर सकेगा। इसके अलावा अनुबंध की 35 बसें है। अभियान के तहत प्रत्येक बस के चालक को फाटक पर वाहन रखरखाव प्रभारी का नाम और मोबाइल नंबर अंकित करना होगा। वाहनों की स्थिति में सुधार के लिए कार्यों की जवाबदेही पूर्णत: संबंधित प्रभारी एवं पर्यवेक्षक की होगी। कोटपूतली आगार में 6 लिपिक है। जो पर्यवेक्षक के रूप में कार्य करेंगे। प्रत्येक लिपिक के पास तीन-तीन बसों की जिम्मेदारी रहेगी।

प्रबंधक संचालन को करनी होगी मॉनिटरिंग

प्रबंधक (संचालन) को अभियान की नियमित मॉनिटरिंग करनी होगी। यही नहीं वाहन को सुधारने से पहले और सुधारने के बाद की फोटोग्राफी सुरक्षित रखनी होगी। मुख्य प्रबंधक हर 15 दिन में अभियान की रिपोर्ट मुख्यालय भेजेंगे। बस दूसरे डिपो को भेजी जाती है तो नए आगार की ओर से प्रभारी और पर्यवेक्षक की पुन: नियुक्ति की जाएगी। डिपो में कार्यरत मैकेनिकों को बसों का आवंटन कर उन्हें प्रभारी नियुक्त किया गया है। इसमें हर प्रभारी को एक-एक बस की जिम्मेदारी दी गई।

यह भी पढ़ें: कांग्रेस विधायक इंदिरा मीणा को राजस्थान हाईकोर्ट से मिली राहत, जानिए क्या था पूरा मामला

इनका कहना है…

अभियान के तहत प्रभारी व पर्यवेक्षकों को बसों की देखरेख करनी होगी। इसमें मैकेनिक, वाहन प्रभारी और सबसे ऊपर पर्यवेक्षक बनाए गए हैं। बसों के रखरखाव की जिम्मेदारी इनकी रहेगी।
-बलवंत सैनी, प्रबंधक संचालन, रोडवेज आगार कोटपूतली


यह भी पढ़ें

राजस्थान के 12 जिले आज हीटवेव की चपेट में, यहां रेड अलर्ट; इन 19 शहरों में आंधी-बारिश की संभावना