
राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) के पूर्व सदस्य रामूराम राईका व निलंबित सदस्य बाबूलाल कटारा से उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में बुधवार रात तक कई घंटे तक पूछताछ की। आरोपी कटारा को उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर किसने दिया और उस पेपर को आरोपी राईका के अलावा अन्य किस-किस सदस्य तक पहुंचाया, इस संबंध में भी पूछताछ की जा रही है।
बताया जा रहा है कि एसओजी ने आरपीएससी से कई दस्तावेज मांगे हैं, जिनमें कुछ दस्तावेज आरपीएससी ने उपलब्ध करवाए हैं। आरोपी कटारा को कोर्ट ने 10 सितम्बर तक एसओजी की रिमांड पर सौंप रखा है। जबकि कटारा से पहले गिरफ्तार हुआ राईका 7 सितम्बर तक रिमांड पर है। आरोपियों के मोबाइल नंबरों की सीडीआर निकलवाई जा रही है।
वहीं, कटारा का पेपर लीक करने वाली कौन-कौन सी गैंग से संपर्क था, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। आरोपी पूछताछ में एसओजी टीम का सहयोग भी नहीं कर रहे। एसओजी जांच कर रही है कि क्या, बाबूलाल कटारा ने उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर खुद के घर पर तैयार करवाया था।
सूत्रों के मुताबिक, कटारा ने राईका के बेटा-बेटी को उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर उपलब्ध करवाने के साथ साक्षात्कार में भी मदद की थी। कटारा के अध्यापक भर्ती परीक्षा व उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर लीक करने के आरोप में गिरफ्तार होने के बाद अब स्कूल लेक्चरर, मेडिकल शिक्षा, संस्कृत शिक्षा में भर्ती, कॉलेज शिक्षा में सहायक प्रोफेसर, कृषि ऑफिसर सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। कटारा कौन-कौन सी परीक्षाओं के समय आरपीएससी का सदस्य रहा, इस संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
Published on:
05 Sept 2024 08:29 am
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