
एकल पट्टा प्रकरण में तत्कालीन नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल को क्लीन चिट देकर विवाद में आई राज्य सरकार अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में यू-टर्न ले सकती है। सुप्रीम कोर्ट में पेश जवाब पर पुनर्विचार के लिए कमेटी बनाने की तैयारी चल रही है, वहीं इस मामले में अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवमंगल शर्मा को सहयोग करने के लिए ओआईसी के रूप में चार अधिकारियों की टीम बनाई गई है।
गृह विभाग की ओर से यह टीम संयुक्त सचिव अर्पणा गुप्ता की देखरेख में काम करेगी। इस टीम में जयपुर विकास प्राधिकरण में अतिरिक्त आयुक्त प्रिया बलराम, नगरीय विकास विभाग के रवि विजय व एसीबी में अधिकारी राजेन्द्र नैन को शामिल किया है। सूत्रों के अनुसार राजेन्द्र नैन के स्थान पर एसीबी में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बिशनाराम को ओआईसी के रूप में शामिल किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि इस मामले में पूर्व में ओआईसी रहे एसीबी के एक अधिकारी को शांति धारीवाल को क्लीन चिट देने का जवाब पेश होने के कारण एपीओ कर दिया गया था।
हाल ही में राजस्थान सरकार ने एकल पट्टा मामले में कांग्रेस विधायक शांति धारीवाल और तीन अन्य अधिकारियों पर लगे आरोपों पर क्लीन चिट दे दी थी। सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश किए गए जवाब में कहा गया था कि 10 साल पहले के एकल पट्टा मामले में कोई प्रकरण नहीं बनता है।
Published on:
14 May 2024 02:25 pm
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