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Rajasthan: समग्र शिक्षा अभियान: इंजीनियर हैं, मॉनिटरिंग नहीं: लापरवाही की कीमत मासूमों की जान

प्रदेश में सरकारी स्कूलों के भवनों की निगरानी के लिए सैंकडों इंजीनियर्स की फौज, पर मॉनिटरिंग की व्यवस्था लगभग जीरो है। बरसात के साथ ही स्कूलों की बिल्डिंग धड़ाधड़ गिर रही है।

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स्कूलों के जर्जर भवनों से नौनिहालों की खतरे में जान, पत्रिका फोटो
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स्कूलों के जर्जर भवनों से नौनिहालों की खतरे में जान, पत्रिका फोटो

विजय शर्मा

जयपुर। प्रदेश में सरकारी स्कूलों के भवनों की निगरानी के लिए सैंकडों इंजीनियर्स की फौज, पर मॉनिटरिंग की व्यवस्था लगभग जीरो है। बरसात के साथ ही स्कूलों की बिल्डिंग धड़ाधड़ गिर रही है। प्रदेश में समग्र शिक्षा अभियान के तहत स्कूलों में कराए जाने वाले निर्माण और भवनों की गुणवत्ता व मॉनिटरिंग के लिए अलग से सिविल शाखा बनी हुई है। राज्य स्तर से लेकर हर जिले और ब्लॉक में अभियंताओं को लगाया हुआ है। हालत यह है कि इस शाखा और संस्था प्रधानों के बीच कोई तालमेल नहीं है। हाल ही में झालावाड़ स्कूल हादसे ने समग्र शिक्षा की सिविल शाखा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

हर ब्लॉक में दो जेईएन

शिक्षा संकुल जयपुर से संचालित सिविल शाखा में एसई सहित राज्य स्तर पर एईएन और जेईएन की नियुक्ति हैं। इसके अलावा हर जिले में एक-एक एईएन और जेईएन व ब्लॉक स्तर पर दो-दो जेईएन नियुक्त कर रखे हैं। अभियंताओं का लवाजमा होने के बाद भी प्रदेश के सरकारी स्कूलों के भवनों की मॉनिटरिंग पूरी तरह से नहीं हो पा रही है। सिविल शाखा का काम सिर्फ नए भवनों के निर्माण तक ही सीमित रह गया है।

संस्था प्रधान और अभियंताओं में तालमेल की कमी

ब्लॉक स्तर पर सरकारी स्कूलों की भवनों की मॉनिटरिंग के लिए दो जेईएन नियुक्त हैं, लेकिन स्कूलों में संस्था प्रधान और अभियंताओं के बीच तालमेल की कमी के कारण भवनों की मॉनिटरिंग नहीं की जाती। संस्था प्रधानों की ओर से भवनों की जांच के लिए इन अभियंताओं को नहीं बुलाया जाता। न भवनों में जर्जर स्थानों को चिन्हित किया जाता है। ऐसे में बच्चों को इन्हीं जर्जर भवनों में बैठा दिया जाता है, जहां हादसे का शिकार हो जाते हैं।

एक भी स्कूल का भौतिक सत्यापन नहीं

समग्र शिक्षा की सिविल शाखा में राज्य स्तर से लेकर जिला और ब्लॉक में सैकड़ों अभियंता हैं, लेकिन मानसून से पूर्व इन अभियंताओं ने किसी भी स्कूल का मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन नहीं किया। सिर्फ विभाग की ओर से सीधे संस्था प्रधानों को भवनों की रिपोर्ट देने के निर्देश दे दिए।

सिविल शाखा में प्रतिनियुक्ति का खेल

समग्र शिक्षा की सिविल शाखा विवादों में रही है। नई सरकार आने के बाद शाखा के चेहरे बदल जाते हैं। गत वर्ष भी सिविल शाखा में कृषि अभियंताओं की प्रतिनियुक्ति पर सवाल खड़े हुए थे। दरअसल, कृृषि अभियंताओं को स्कूूल भवन निर्माण का जिम्मा सौंप रखा था। शाखा में ऐसे कई अभियंताओं को स्कूल भवनों का काम सौंप रखा है।

शिक्षा मंत्री ये बोले

हम समग्र शिक्षा की सिविल शाखा को मजबूत करने का काम रहे है। संस्था प्रधान और अभियंताओं के बीच तालमेल रहें, इसके लिए निर्देश दिए जा रहे हैं।
मदन दिलावर, शिक्षा मंत्री