3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान में स्कूल हादसों को लेकर हाईकोर्ट चिंतित, केंद्र और राज्य से रिपोर्ट तलब

राजस्थान हाईकोर्ट ने झालावाड़ जिले के स्कूल हादसों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए सरकारी स्कूलों की बदहाली पर चिंता जताई है। कोर्ट ने शिक्षा और बाल सुरक्षा को लेकर केंद्र व राज्य सरकारों से जवाब मांगा है।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Arvind Rao

Jul 29, 2025

Rajasthan school accident HighCourt

Rajasthan school accident (Patrika Photo)

जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने झालावाड़ जिले के पिपलोदी स्कूल हादसे पर प्रसंज्ञान लेकर बच्चों की सुरक्षा पर चिंता जाहिर की है। कोर्ट ने हादसे को झकझोरने वाला बताते हुए कहा कि सरकारी स्कूल बदहाल हैं।


कोर्ट ने कहा, स्कूलों में टॉयलेट न होने से बालिकाएं डरती हैं। पानी पी लिया तो टॉयलेट आ जाएगा। केंद्र और राज्य सरकार से विद्यार्थियों की सुरक्षा व स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं की कमी पर रिपोर्ट तलब कर पूछा है कि हालात सुधारने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।


न्यायाधीश अनूप कुमार ढंड ने स्कूल हादसे को नर्व शॉकिंग, हार्ट ब्रेकिंग और सोसाइटी रॉकिंग देते हुए स्वप्रेरणा से प्रसंज्ञान लिया। कोर्ट ने कहा कि शिक्षा को 6 प्रतिशत बजट देने के बाद भी स्कूल भवन जर्जर हैं। 32 प्रतिशत सरकारी स्कूलों में बिजली नहीं हैं। नौ प्रतिशत स्कूलों में पानी नहीं है। स्कूलों में लड़के-लड़कियों के लिए अलग टॉयलेट नहीं हैं।


नोटिस जारी कर जवाब मांगा


हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के शिक्षा एवं मानव संसाधन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, मुख्य सचिव, राज्य के शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।


नोटिस जारी कर पूछा, क्यों न यह निर्देश दें


-सर्वे करवाकर जर्जर या खतरे वाले भवनों का पता लगाया जाए।
-ऐसी घटनाओं को रोकने के बंदोबस्त किए जाएं।
-प्रभावित परिवारों को मुआवजा और घायलों के इलाज और शिक्षा की व्यवस्था हो।
-आबादी के अनुपात में स्कूलों की व्यवस्था की जाए।
-लड़कियों के लिए अलग स्वच्छ शौचालय की व्यवस्था।
-छात्राओं को मुफ्त सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराएं और वैंडिंग मशीन लगाएं।
-बिजली आपूर्ति, पंखों और रोशनी की व्यवस्था।
-हर स्कूल में पुस्तकालय और इंटरनेट सुविधा सहित कंप्यूटर लैब हो।
-ऑनलाइन शिकायत निवारण सिस्टम विकसित हो।
-घटिया निर्माण के लिए जिम्मेदारी तय कर वसूली हो।
-दोषियों के खिलाफ विभागीय और आपराधिक कार्रवाई।
-हर जिले में मासिक मॉनिटरिंग के लिए समितियां बने।


स्कूल में प्रवेश द्वार गिरा, बच्चे की मौत


जैसलमेर जिले में पूनमनगर स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय का प्रवेश द्वार गिरने से सोमवार को 7 वर्षीय अरबाज पुत्र तालब खां की मौत हो गई। हादसे में विद्यालय में कार्यरत शिक्षक अशोक सोनी (40) गंभीर घायल हो गया।


वहीं, एक बालिका प्रिया (5) पुत्री महेंद्र कुमार को भी चोट आई। घटना से गुस्साए परिजन और ग्रामीणों ने स्कूल के बाहर शव रखकर धरना दिया। जिला कलेक्टर प्रताप सिंह ने ग्राम विकास अधिकारी रामचंद्र को निलंबित कर दिया।


अरबाज पास ही स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में पहली कक्षा का छात्र था। स्कूल की छुट्टी के बाद वह बहन मधु को लेने आया था। इसी दौरान स्कूल के प्रवेश द्वार का पिलर उस पर गिर गया।