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Senior Citizen Pilgrimage Scheme 2025 : भजनलाल सरकार के विमान यात्रा का वादा हुआ ‘हवा हवाई’ अब संशय में है आवेदक

Senior Citizens Pilgrimage Scheme : राजस्थान में वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2025 के तहत भजनलाल सरकार फ्री में यात्रा कराने जा रही है। आवेदकों के लिए जब पोर्टल खोला तो उसमें खराबी आ गई। वहीं हवाईजहाज से तीर्थ यात्रा कराने को लेकर आवेदकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पढ़ें पूरी खबर।

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Rajasthan Senior Citizen Pilgrimage Scheme 2025 Bhajan Lal Government Promise of Air Travel Turned out to be hawa hawai Applicants in Doubt

देवस्थान विभाग के मंत्री जोराराम कुमावत। फोटो पत्रिका

Senior Citizens Pilgrimage Scheme : राजस्थान में वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2025 के तहत 56 हजार बुजुर्गों को एसी ट्रेन और हवाईजहाज से अलग-अलग तीर्थ स्थलों की नि:शुल्क यात्रा करवाई जाएगी। हाल ही बजट घोषणा के बाद वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए शुक्रवार से आवेदकों के लिए पोर्टल खोल दिया गया। देवस्थान विभाग के मंत्री जोराराम कुमावत ने सचिवालय में इसकी शुरुआत की। आवेदन की अंतिम तिथि दस अगस्त है।

नए आवेदन में करीब चार महीने की हुई देरी

वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2025 घोषणा के करीब चार महीने की देरी से नए आवेदन लेने की शुरुआत हुई, लेकिन हवाईजहाज से तीर्थ यात्रा कराने को लेकर आवेदकों में असमंजस की स्थिति रही, क्योंकि वेबसाइट पर इस संबंध में कोई जानकारी ही उपलब्ध नहीं है। जबकि बजट घोषणा में छह हजार सीनियर सिटीजन को हवाईजहाज से काठमांडू पशुपतिनाथ दर्शन करवाने की घोषणा की थी।

अभी भेजे जा रहे हैं बीते वित्तीय वर्ष के चयनित यात्री

चौंकाने वाली बात यह है कि अंतिम चरण में अब तक बीते वित्तीय वर्ष के चयनित यात्री ही तीर्थयात्रा पर भेजे जा रहे हैं। नए वित्तीय वर्ष के लिए योजना की शुरुआत होने के बावजूद गत वर्ष के चयनित यात्रियों की लिस्ट पूरी नहीं हुई है।

क्या ट्रेन की सजावट है अधिक जरूरी?

सचिवालय में मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि ट्रेन को राजस्थानी संस्कृति के रंग में रंगा है, जिसमें प्रदेश के मंदिरों व किलों की झलक देखने को मिलेगी। ऐसे में सवाल उठता है कि जब यात्रा की मूल संरचना ही स्पष्ट नहीं है, तो ट्रेन की सजावट अधिक जरूरी है या योजना की समयबद्ध क्रियान्विति।

शुक्रवार शाम को पोर्टल में तकनीकी खामी आई, आवेदक परेशान

उधर, शुक्रवार शाम को पोर्टल में तकनीकी खामी भी देखने को मिली। आवेदक द्वारा विधानसभा क्षेत्र डालने पर आवेदन पूरा करने में दिक्कत का सामना करना पड़ा।

ऑनलाइन आवेदन के लिए मिले 24 दिन

1- 60 वर्ष से अधिक आयु के आवेदक होंगे यात्रा के लिए पात्र।
2- यात्रियों को नहीं मिलेगा दोबारा मौका, आवेदक आयकरदाता न हो।
3- रेल से करीब 40 तीर्थस्थलों के दर्शन करेंगे यात्री।
4- इस बार स्वर्ण मंदिर के बाद सिख समुदाय की मांग पर सिखों के कई नए तीर्थ स्थलों को भी यात्रा में शामिल किया गया।
4- ट्रेन के कुल 15 रूट तय किए गए हैं, जहां लगभग 40 तीर्थस्थलों के दर्शनों का मिलेगा मौका।

कब-कितनी ट्रेनें जाएंगी, इसका नहीं मिला जवाब

योजना के तहत एक बार में 800 यात्री एक ट्रेन से यात्रा कर सकते हैं। 50 हजार यात्रियों को ट्रेन से यात्रा कराने के लिए कितनी ट्रेनें कब-कब रवाना होंगी, यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है। इस गणना के अनुसार योजना को पूरा करने में कम से कम 60-70 फेरे लगेंगे, जो वर्तमान तैयारियों के हिसाब से असंभव है।