
जयपुर/ शाहपुरा।
राजस्थान के शाहपुरा से निर्दलीय विधायक आलोक बेनीवाल (Rajasthan Shahpura MLA Alok Beniwal) को भी स्वाइन फ़्लू हो गया है। इस बात की पुष्टि बेनीवाल की पत्नी सविता ने 'पत्रिका' को की है। बताया गया है कि स्वाइन फ़्लू की पुष्टि होने के बाद बेनीवाल अपने जयपुर स्थित आवास पर स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। गौरतलब है कि आलोक बेनीवाल कांग्रेस से बागी होकर शाहपुरा सीट से विधानसभा चुनाव लडे थे। वे प्रदेश की पूर्व उपमुख्यमंत्री कमला के बेटे भी हैं।
बेनीवाल को स्वाइन फ़्लू की खबर से चिकित्सा महकमें भी खलबली मच गई है। विशेषज्ञों की एक टीम बेनीवाल के स्वास्थ्य की रिकवरी को लेकर लगातार निगरानी में लगी हुई हैं। दो दिन पहले ही केंद्रीय मंत्री सीआर चौधरी को भी स्वाइन फ़्लू की पुष्टि हुई थी। वहीं इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को भी स्वाइन फ़्लू हो चुका है। ऐसे में ये साफ़ है कि अब बेकाबू हुआ स्वाइन फ़्लू सिर्फ आम ही नहीं बल्कि ख़ास लोगों को भी अपनी चपेट में ले रहा है।
10 दिन में भी शाहपुरा नहीं पहुंची स्वाइन फ्लू की एडवाइजरी, कलक्टर ने नाराजगी जताई
जिला कलक्टर ने बुधवार को ही शाहपुरा इलाके का दौरा कर उपखण्ड कार्यालय में एसडीएम सहित ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से स्वाइन फ्लू सहित अन्य मौसमी बीमारियों से संबंध में जानकारी ली। कलक्टर जगरूप सिंह यादव ने जिला कलक्टर कार्यालय से स्वाइन फ्लू से संबंधित भेजी गई एडवाजरी के बारे में पूछा तो बीसीएमएचओ ने अभी तक प्राप्त नहीं होने की बात कही। इससे नाराज कलक्टर ने तत्काल जयपुर फोन कर संबंधित अधिकारियों की खिंचाई करते हुए मामले की जांच कर सीएमएचओ या जो भी कर्मचारी दोषी हो उसके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कलक्टर ने कहा कि इस समय स्वाइन फ्लू बीमारी का प्रकोप है और उसकी एडवाइजरी जयपुर से शाहपुरा तक पहुंचने में 10 दिन कैसे लग गए। इस तरह से काम नहीं चलेगा। जो भी कर्मचारी दोषी हो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
सीएचसी प्रभारी ने बताया कि उन्होंने एडवाजरी सभी संबंधित कर्मचारियों को भेज दी है। कलक्टर ने एसडीएम राजेन्द्र सिंह चांदावत, बीसीएमएचओ डॉ. विनोद शर्मा व सीएचसी प्रभारी डॉ. एएल अग्रवाल से क्षेत्र के सभी सीएचसी व पीएचसी में स्वास्थ्य सुविधाओं, स्क्रीनिंग, जांच सुविधा, स्टाफ की उपलब्धता आदि की जानकारी ली और स्वाइन फ्लू व अन्य मौसमी बीमारियों का ध्यान रखने, कर्मचारियों का मुख्यालय पर ठहराव करने, और विशेष तौर पर ग्राम स्तर के कर्मचारियों को पाबंद करने के निर्देश दिए। इस दौरान सीडीपीओ सतपाल यादव, समाज कल्याण विभाग की पारुल राजोरा, व्याख्याता पवन जाट, मेल नर्स प्रमोद शर्मा, मोतीलाल बुनकर, बाबूलाल मीना सहित कई कर्मचारी मौजूद थे।
डेढ़ लाख से ज्यादा में स्वाइन फ्लू के लक्षण
प्रदेश में स्वाइन फ्लू का कहर बढ़ता ही जा रहा है। स्थिति ऐसी है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे स्क्रीनिंग अभियान में डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों में स्वाइन फ्लू से मिलते-जुलते लक्षण मिले हैं। वहीं 32 हजार से ज्यादा लोग बुखार से भी पीडि़त मिले हैं। बुधवार को प्रदेश में फिर दूसरे दिन 100 नए स्वाइन फ्लू पॉजीटिव मरीज सामने आए। प्रदेश में अभी तक 56 लोगों की मौत स्वाइन फ्लू से हो चुकी है। उधर स्वास्थ्य विभाग स्वाइन फ्लू की रोकथाम में पूरी तरह से विफल हो गया है और घर-घर स्वाइन फ्लू के मरीजों को तलाश रहा है। प्रदेश भर में चल रहे पांच दिवसीय स्क्रीनिंग अभियान के तहत तीन दिन में ही 1 लाख 72 हजार लोगों में स्वाइन फ्लू जैसे मिलते-जुलते लक्षण मिले हैं।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जागरूकता की कमी के चलते लोग स्वाइन फ्लू के लक्षणों की पहचान नहीं कर पा रहे हैं। इस कारण वायरस पूरे प्रदेश में कहर बरपा रहा है। जयपुर में 45 नए मरीज स्वाइन फ्लू के सामने आए। जयपुर में प्रदेश में सबसे ज्यादा 550 से ज्यादा स्वाइन फ्लू पॉजीटिव सामने आए हैं। जबकि स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए जयपुर में ही सबसे ज्यादा संसाधन झौंकने का दावा स्वास्थ्य विभाग कर रहा है। जोधपुर में स्वाइन फ्लू का कहर थोड़ा कम हुआ है। बुधवार को जोधपुर में 5 स्वाइन फ्लू पॉजीटिव सामने आए।
विभाग ने प्रदेश भर में चल रहे स्क्रीनिंग अभियान को तीन दिन से बढ़ा कर पांच दिन कर दिया है। जयपुर में अतिरिक्त टीमें स्क्रीनिंग के लिए लगाई गई हैं। विभाग के अफसरों का कहना है कि फरवरी के अंत तक स्वाइन फ्लू के वायरस का असर रहेगा।
Published on:
24 Jan 2019 03:50 pm
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