
फाइल फोटो- पत्रिका
Sarafa Bazaar News : साल 2026 की शुरुआत के साथ ही भारतीय सर्राफा बाजार में जो ऐतिहासिक उबाल देखने को मिला था, वह अब एक बड़े उतार-चढ़ाव में बदल गया है। जनवरी के अंत में ₹4 लाख प्रति किलोग्राम से चार लाख तीस हजार तक का जादुई आंकड़ा पार करने वाली चांदी की कीमतों में महज 20 दिनों के भीतर ₹1.5 लाख से ज्यादा की भारी गिरावट दर्ज की गई है। वर्तमान में बाजार ₹2.4 लाख से ₹2.7 लाख प्रति किलो के दायरे में कारोबार कर रहा है, जिससे निवेशक और कारोबारी दोनों ही असमंजस की स्थिति में हैं।
जनवरी 2026 का आखिरी हफ्ता सोने और चांदी के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज हो गया था। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी डॉलर में कमजोरी के चलते MCX पर चांदी रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई थी। हालांकि, फरवरी के मध्य तक आते-आते बाजार की हवा बदल गई और कीमतों में बड़ी मुनाफावसूली देखी गई। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी गिरावट के बाद अब बाजार ₹2 लाख से ₹2.5 लाख के बीच स्थिर होने की कोशिश करेगा।
बुलियन कारोबारी अश्विनी कुमार के अनुसार, चांदी की कीमतों में इस अस्थिरता के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारण हैं। इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर और सौर ऊर्जा में चांदी की बढ़ती औद्योगिक मांग ने इसे 'सुपर कमोडिटी' बना दिया है। वहीं, अमेरिका की आंतरिक आर्थिक उठापटक और शेयर बाजार का उतार-चढ़ाव भी कीमतों को प्रभावित कर रहा है। सबसे महत्वपूर्ण कारक चीन का रुख है; यदि चीन चांदी के आयात या भंडार को लेकर कोई बड़ा कदम उठाता है, तो बाजार में फिर से 'सुनामी' जैसे हालात बन सकते हैं।
चांदी के साथ-साथ सोने ने भी निवेश के सुरक्षित ठिकाने (Safe-haven) के रूप में अपनी धाक जमाई है। वर्तमान में सोना ₹1.5 लाख से ₹1.8 लाख प्रति 10 ग्राम के बीच कारोबार कर रहा है और जानकारों का दावा है कि जल्द ही इसमें एक और बड़ी छलांग देखने को मिल सकती है। जयपुर के सर्राफा कारोबारी भीमेसन जैन का कहना है कि "वर्तमान बाजार पूरी तरह अस्थिर है। निवेशकों को सलाह है कि वे बाजार की पूरी जानकारी होने पर ही दांव लगाएं, वरना बड़ी परेशानी संभव हो सकती है।"
Updated on:
21 Feb 2026 11:15 am
Published on:
21 Feb 2026 11:15 am
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