
राजस्थान की राजधानी जयपुर के ऐतिहासिक और धार्मिक लैंडमार्क 'गलता जी' ( Galta Ji ) मंदिर में इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक रफीक खान ने गलता पीठ की बदहाली का मुद्दा उठाते हुए सरकार और देवस्थान विभाग को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जयपुर की इस सिद्ध पीठ में पिछले कई दिनों से भगवान की सेवा-पूजा उस आन-बान और शान से नहीं हो पा रही है, जिसके लिए गलता जी प्रसिद्ध है।
गलता पीठ का इतिहास सदियों पुराना है और यहाँ की पूजा पद्धति अपनी विशिष्टता के लिए जानी जाती है। विधायक रफीक खान ने सदन को बताया कि जब से यहाँ सरकारी प्रशासक की नियुक्ति हुई है, तब से मंदिर की 521 साल पुरानी धार्मिक परंपराएं प्रभावित हुई हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मंदिर में विवाद और अव्यवस्था के चलते करीब 23 दिनों तक भगवान को फूल-मालाएं तक नहीं चढ़ाई जा सकीं।
सिर्फ फूल-माला ही नहीं, बल्कि भगवान के राजभोग (भोग) में भी कटौती किए जाने की बात सामने आई है। हिन्दू धर्म में भगवान के स्वरूप की सेवा में किसी भी प्रकार की कमी को बड़ा दोष माना जाता है। विधायक ने इसे सदियों पुरानी आस्था को ठेस पहुँचाने वाला मामला करार दिया। जयपुर के स्थानीय निवासी और श्रद्धालु इस खबर के बाद से काफी आक्रोशित हैं।
अव्यवस्था की सबसे बड़ी वजह मंदिर के कर्मचारियों और पुजारियों का आर्थिक संकट बताया जा रहा है।
गलता जी अपने पवित्र कुंडों के लिए विश्व प्रसिद्ध है, जहाँ सात पवित्र जल के स्रोत मिलते हैं। लेकिन वर्तमान में यहाँ की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
कांग्रेस विधायक ने सीधे तौर पर देवस्थान विभाग और प्रशासन पर मंदिर संचालन में विफल रहने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि प्रशासक की नियुक्ति के बाद व्यवस्था सुधरने के बजाय और अधिक बिगड़ गई है। विपक्ष ने मांग की है कि सरकार तुरंत हस्तक्षेप करे ताकि इस ऐतिहासिक धरोहर और धार्मिक आस्था के केंद्र की मर्यादा बनी रहे।
Published on:
21 Feb 2026 10:35 am
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