Independence Day 2023 : राजस्थान में एक ऐसा गांव है जहां अधिकतर लोग फौजी हैं। इस गांव के कई युवा सेना में ब्रिगेडियर व कर्नल पद पर तैनात हैं। यहां तक इस गांव की एक बेटी सेना का लड़ाकू विमान उड़ा कर गांव का सिर गर्व से उंचा कर रही है। जानें राजस्थान का वह कौन से गांव है जिसे फौजियों का गांव के नाम से पुकारा जाता है।
Faujiyon Ka Gaon in Rajasthan : पूरा देश कल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस बनाएगा। स्वतंत्रता दिवस पर राजस्थान अपने देशभक्त को याद करेगा। राजस्थान में एक ऐसा गांव है जहां अधिकतर लोग फौजी हैं। इस गांव के कई युवा सेना में ब्रिगेडियर व कर्नल पद पर तैनात हैं। यहां तक इस गांव की एक बेटी सेना का लड़ाकू विमान उड़ा कर गांव का सिर गर्व से उंचा कर रही है। जानें राजस्थान का वह कौन से गांव है जिसे फौजियों का गांव के नाम से पुकारा जाता है। झुंझुनूं जिले के पचलंगी के उदयपुरवाटी उपखण्ड से 40 किमी व नीमकाथाना जिले से 10 किमी दूर स्थित पापड़ा गांव के युवा सेना में सिपाही से लेकर ब्रिगेडियर-कर्नल तक के पद पर तैनात हैं। यहां का युवा सेना में जाकर देश सेवा करने का अपने दिल में जज्बा रखता है। युवाओं को छोड़िए इस गांव की बेटियां भी पीछे नहीं रही हैं।
ब्रिगेडियर-कर्नल बने कई गांववासी
पहाड़ी क्षेत्र के गांव पापड़ा गांव के भानू प्रताप सिंह ब्रिगेडियर के पद तक पहुंचे। जागीराम मिठारवाल कर्नल के पद पर कार्यरत हैं। प्रमोद कुमार बड़सरा सेवानिवृत कर्नल हैं। दिनेश कुमार बड़सरा लेफ्टिनेंट के पद पर कार्य कर रहे हैं। युवराज सिंह शेखावत लेफ्टिनेंट है। इन्द्रराज रैपसवाल, सुरेश पायल डिप्टी कमांडेंट के पद कार्यरत हैं। विनोद बड़सरा, विरेन्द्रसिंह पायल, विक्रम बड़सरा, राज सिंह बड़सरा असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर अपनी सेवा दे रहे हैं।
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मोहना सिंह उड़ती है सेना का लड़ाकू विमान
पापड़ा गांव के युवाओं की बात छोड़िए इस गांव की बेटियां भी पापड़ा गांव का नाम देश में रोशन कर रही हैं। पापड़ा गांव की बेटी मोहना सिंह देश की पहली सेना की लड़ाकू विमान चालक बनी। मोहना सिंह सहित गांव की अन्य बेटियां भी देश सेवा में आगे हैं।
लादूराम जितरवाल को वीरचक्र सम्मान
11 फरवरी 1948 को पापड़ा गांव के निवासी लादूराम जितरवाल शहीद हुए। शहीद लादूराम जितरवाल को सेना ने वीरचक्र से सम्मानित किया गया था। पापड़ा के कानसिंहवाली ढ़ाणी निवासी सुरेश कुमार बड़सरा भी देश सेवा में पीछे नहीं रहे। सुरेश कुमार बड़सरा ने 7 राज राइफल में राजौरी सेक्टर डडोत नाले में तैनाती के दौरान तीन आतंकवादियों को मारकर 21 नवंबर 2009 को शहीद हुए।
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