जयपुर। राजस्थान के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर (Assistant Professor in Universities and Colleges of Rajasthan) बनने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए लंबे इंतजार के बाद 2013 के बाद अब एक बार फिर राजस्थान राज्य पात्रता परीक्षा (Rajasthan State Eligibility Test) का आयोजन रविवार यानी आज होने जा रहा है। गोविन्द गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय, बासंवाड़ा (Govind Guru Tribal University, Basanwada.) की ओर से रविवार को राजस्थान राज्य पात्रता परीक्षा -2023 (सेट) (Rajasthan State Eligibility Test-2023 (SET) i) का आयोजन किया जा रहा है। एक पारी में सुबह 10 बजे से दो बजे तक होने वाली इस परीक्षा का आयोजन जयपुर में 104 परीक्षा केंद्रों पर हो रहा है, जिसमें 50 हजार 20 अभ्यार्थी पंजीकृत किए गए हैंं। वही राज्य के 350 परीक्षा केंद्रों पर तकरीबन डेढ़ लाख अभ्यर्थी परीक्षा के लिए पंजीकृत किए गए हैं।
एक घंटा पहले तक दिया जाएगा प्रवेश
परीक्षा से एक घंटे पूर्व तक ही केन्द्र में अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। सुबह 10 बजे परीक्षा केन्द्रों के गेट बंद कर दिए जाएंगे। अभ्यर्थियों को परीक्षा केन्द्र पर अपने साथ एडमिड कार्ड के साथ आरिजनल फोटो आईडी लाने के लिए कहा गया था। आईडी में आधार कार्ड, वोटर आईडी और ड्राइविंग लाइसेंस आदि लेकर आ सकते हैंं। ओएमआर शीट उत्तर पत्रक की निधार्रित प्रविष्ठियां भरने के लिए और उत्तर को गोला करने के लिए अभ्यार्थियों को नीले या काले रंगे की स्याही का पारदर्शी बॉल पेन लेकर आने की अनुमति दी गई थी। अन्य किसी प्रकार का पैन लाने की अनुमति नहीं दी गई।
इन पर भी लगाई रोक
परीक्षा केंद्र में अभ्यार्थी को किसी भी प्रकार की घड़ी, सैंडल, मौजे,धूप का चश्मा, बैल्ट,हैंड बैग, हेयर पिन, गंडा, ताबीज, कैप, स्कार्फ, स्टॉल, शॉल, मफलर आदि पहन कर आने की अनुमति नहीं दी गई।
इसके साथ ही पुरुष अभ्यार्थी आधी बाजू वाली शर्ट या टीशर्ट, पैंट और हवाई चप्पल या स्लीपर आने के लिए कहा गया था, ऐसे में जिन्होंने इसकी पालना नहीं की उन्हें परेशानी उठानी पडी। महिला अभ्यार्थी को सलवार सूट या साड़ी, आधी आस्तीन का कुर्ता, हवाई चप्पल या स्लीपर आने के लिए कहा गया था, साथ ही बालों में सिम्पल रबर बैड लगाने की स्वीकृति दी गई थी।
अभ्यार्थियों को कुर्ता, शर्ट, पूरी आस्तीन के कपड़े आदि के साथ अपने कपड़ों में बड़ा बटन, किसी प्रकार का ब्रॉच या बैज या फूल लगाकर आने की अनुमति भी नहीं दी गई।
अभ्यार्थी लाख या कांच की पतली चूडियों के अलावा किसी भी प्रकार के जेवरात या किसा अन्य प्रकार की चूड़ी, बाली आदि पहन कर नहीं आ सकती थीं।
ऐसे में जिन अभ्यार्थियों ने इन नियमो की पालना नहीं की उन्हें परेशानीहुई। अपना सामान परीक्षा केंद्र के बाहर एकत्र करना पड़ा।
10 सतर्कता दलों का गठन
परीक्षा के सुचारू और सफल आयोजन के लिए 10 सतर्कता दलों का गठन किया गया है। निजी परीक्षा केन्द्रों पर 50 फीसदी सरकारी वीक्षकों की नियुक्ति की गई है, वहीं हर परीक्षा केन्द्र पर एक-एक राजकीय केन्द्राधीक्षक और एक-एक राजकीय पर्यवेक्षक की तैनाती की गई है। जो लगातार परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण करेंगे और सभी परीक्षा केन्द्रों पर सी.सी.टी.वी कैमरे लगाए गए हैं, जो कि परीक्षा समय पूर्ण होने तक लाइव मोड पर रहेंगे। केन्द्र पर केन्द्राधीक्षक के अतिरिक्त किसी के पास मोबाइल नहीं रहेगा और परीक्षा सामग्री सी.सी.टी.वी की निगरानी में ही खुलेगी और पुनः सी.सी.टी.वी की निगरानी में ही परीक्षा समाप्ति के बाद संपूर्ण सामग्री सील की जाएगी।
जयपुर में बनाया नियंत्रण कक्ष
परीक्षा के सुचारू और सफल आयोजन के लिए राजकीय महाविद्यालय जयपुर के कमरा नंबर 9 में नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। जो रविवार शाम 6 बजे तक काम और परीक्षा नियंत्रण कक्ष से संबंधित काम पूरा होने तक संचालित किया जाएगा। संभाग स्तरीय परीक्षा नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नंबर 0141 2709093 है।
बदली गई परीक्षा की तिथि, पहले 19 मार्च को होनी थी परीक्षा
गौरतलब है कि यह पहले यह परीक्षा 19 मार्च को होने वाली थी लेकिन प्रशासनिक कारणों से इसकी तिथि में बदलाव किया गया और 26 मार्च को परीक्षा करवाने का निर्णय लिया गया।
परीक्षा में नहीं होगी नेगेटिव मार्किंग
राजस्थान सेट में दो पेपर होंगे। दोनों में ऑब्जेक्टिव प्रश्न पूछे जाएंगे। दोनों पेपर के बीच में कोई ब्रेक नहीं होगा। पहला पेपर 100 अंक का होगा, जिसमें 50 प्रश्न टीचिंग रिसर्च एप्टीट्यूड के आएंगे। वहीं दूसरे पेपर मे 200 नंबर के 100 प्रश्न होंगे। इसमें स्टूडेंट्स के विषय से जुड़े सवाल होंगे। दोनों पेपर के लिए कुल तीन घंटे का समय दिया जाएगा। हर प्रश्न 2 अंक का होगा और गलत उत्तर देने पर किसी प्रकार की निगेटिव मार्किंग नहीं है।
कौन-कौन से विषय की परीक्षा
यह परीक्षा रासायनिक विज्ञान, इतिहास, राजनीति विज्ञान, कॉमर्स, गृह विज्ञान, पॉपुलेशन स्टडीज, कंप्यूटर साइंस एंड एप्लीकेशन, कानून, मनोविज्ञान, अर्थ साइंस, लाइफ साइंस, लोक प्रशासन, अर्थशास्त्र, प्रबंधन, राजस्थानी, शिक्षा, गणितीय विज्ञान, संस्कृत, अंग्रेजी, संगीत, समाजशास्त्र, पर्यावरण, विज्ञान, दर्शनशास्त्र, उर्दू, भूगोल, भौतिक, फिजिकल एजुकेशन, विजुअल आर्ट्स, हिंदी और फिजिकल साइंस ।
अनारक्षित में मास्टर्स में 55 व आरक्षित में 50 फीसदी
अनारक्षित, ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थी कम से कम 55 प्रतिशत अंक के साथ मास्टर डिग्री या समकक्ष। अन्य पिछड़ा वर्ग, गैर क्रीमिलेयर, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग स्टूडेंट्स के लिए मास्टर डिग्री या समकक्ष परीक्षा में कम से कम 50 फीसदी अंक रखे गए हैं।
इस बार जीजीटीयू को सौंपी जिम्मेदारी
इस बार परीक्षा का आयोजन गोविन्द गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय बांसवाड़ा करवा रहा है, जबकि इसके पहले परीक्षा का संचालन आरपीएससी यानी कि राजस्थान लोक सेवा आयोग करता था लेकिन इस बार यह जिम्मा जीजीटीयू को सौंपा गया है।
कॉलेज व्याख्याता बनने के लिए जरूरी नेट या सेट परीक्षा उत्तीर्ण होना
गौरतलब है कि कॉलेज व्याख्याता परीक्षा के लिए विद्यार्थियों का सेट या नेट परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। सरकारी और निजी कॉलेजों में व्याख्याता बनने के लिए योग्यता राज्य पात्रता परीक्षा (सेट) परीक्षा राज्य में 9 वर्षों से नहीं हो रहा था। इस कारण निजी कॉलेजों में योग्य स्टाफ नहीं पहुंच पा रहाऔर उच्च शिक्षा में गुणवत्ता पर प्रश्न चिहृन लग रहा था। राज्य में आरपीएससी ने सेट परीक्षा का आयोजन 2013 में करवाया था। इसमें 40216 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। 6235 कॉलेज व्याख्याता परीक्षा के लिए पात्र घोषित किए गए थे। इसके बाद से परीक्षा नहीं हुई थी।