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Rajasthan: बाघिन रानी के पांच शावकों ने पहली बार देखा आसमान, अब पर्यटक कर सकेंगे दीदार

नाहरगढ़ जैविक उद्यान की बाघिन रानी के पांचों शावकों ने सोमवार को पहली बार खुले आसमान के नीचे कदम रखे। जन्म के बाद पहली बार उन्हें पिंजरे से बाहर निकालकर कराल क्षेत्र में छोड़ा गया, जहां वे मां के साथ प्राकृतिक वातावरण में घूमते नजर आए।
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बाघिन रानी और उसके शावक, पत्रिका एक्सक्लुसिव फोटो

देवेंद्र सिंह राठौड़

Nahargarh Biological Park: नाहरगढ़ जैविक उद्यान की बाघिन रानी के पांचों शावकों ने सोमवार को पहली बार खुले आसमान के नीचे कदम रखे। जन्म के बाद पहली बार उन्हें पिंजरे से बाहर निकालकर कराल क्षेत्र में छोड़ा गया, जहां वे मां के साथ प्राकृतिक वातावरण में घूमते नजर आए। इस दौरान वन्यजीव चिकित्सकों ने उनका टीकाकरण किया और लिंग की पहचान भी की।

चिकित्सकों ने किया टीकाकरण, तीन नर और दो मादा शावक

वरिष्ठ वन्यजीव चिकित्सक डॉ. अरविंद माथुर ने बताया कि बाघिन रानी ने दो माह पूर्व पांच शावकों को जन्म दिया था। अब दो महीने पूरे होने पर उन्हें कराल में लाया गया है। इस दौरान सभी शावकों को बीमारियों सेबचाव के लिए पहला टीका लगाया गया। शावकों की लिंग पहचान की गई। जिसमें सफेद शावक समेत दो अन्य गोल्डन शावक नर व दो अन्य गोल्डन शावक मादा है।
उन्होंने बताया कि शावकों को अब नियमित रूप से कराल में मां के साथ छोड़ा जाएगा ताकि उन्हें प्राकृतिक माहौल का अनुभव हो सके। मिट्टी में खेलने-कूदने से उनकी ग्रोथ और प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होगी। अगले महीने इन्हें बूस्टर डोज दी जाएगी।

दूसरी बार बनी मां

वन विभाग का दावा है कि यह देश का पहला मौका है जब किसी चिड़ियाघर में बाघिन ने एक साथ पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है और पांचों शावक पूरी तरह से स्वस्थ है। रानी ओडिशा से लाई गई थी और आठ साल की उम्र में यह उसका दूसरा प्रसव है।

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