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Rajasthan News : मोदी सरकार के इस 'ड्रीम प्रोजेक्ट' में राजस्थान अव्वल, यूपी-एमपी समेत हर राज्य को पछाड़ दिया

locationजयपुरPublished: Feb 12, 2024 12:23:28 pm

Submitted by:

Nakul Devarshi

Modi Government Dream Project in Rajasthan : केंद्र की मोदी सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट को लेकर राजस्थान में युद्ध स्तर पर काम हो रहा है। कार्य की गति की रेस में प्रदेश ने इस प्रोजेक्ट के दायरे में आ रहे उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सहित सभी राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।

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शादाब अहमद। देश में लोगों और माल की आवाजाही सुगम बनाने के लिए केंद्र सरकार की भारतमाला परियोजना का करीब 50 फीसदी काम पूरा हो चुका है। परियोजना के तहत बने नए एक्सप्रेस-वे पर गाड़ियां फर्राटे से दौड़ रही है और लोगों को इसका लाभ मिलना शुरू हो गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता वाली सड़कों के लिए देश के विभिन्न राज्यों में चल रहे इस प्रोजेक्ट पर अमल में राजस्थान सबसे आगे है जहां मंजूर कार्यों का करीब 91 फीसदी काम पूरा हो चुका है। मध्यप्रदेश में 56 फीसदी और छत्तीसगढ़ में करीब 31 फीसदी काम पूरा हो चुका है। भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत देशभर में करीब 10 लाख 95 हजार करोड़ रुपए की लागत से करीब 35 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण हो रहा है।

केंद्र सरकार ने 2017 में भारत माला प्रोजेक्ट का प्रथम चरण मंजूर किया। इसके तहत यात्री व माल परिवहन के आर्थिक कॉरिडोर, उनका आपसी जुड़ाव, फीडर मार्गों का विकास, सीमा और अंतरराष्ट्रीय संपर्क सड़कें, तटीय और बंदरगाह तक सड़कें और एक्सप्रेस-वे निर्माण के काम होना हैं।

4.23 लाख करोड़ खर्च, 15549 किमी निर्माण पूरा
प्रोजेक्ट प्रथम चरण के तहत 26 हजार 418 किलोमीटर सड़कों के काम शुरू किए गए थे और इसके लिए 8.53 हजार लाख करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। दिसंबर 2023 तक 15 हजार 549 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है और 4.23 लाख करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।

राजस्थान से गुजर रहे 6 एक्सप्रेस वे
प्रोजेक्ट के तहत 25 एक्सप्रेस वे भी बनाए जा रहे हैं, जिनमें से करीब आधा दर्जन एक्सप्रेस-वे आंशिक रूप से पूर्ण हो चुके हैं और उनका उपयोग शुरू हो चुका है। राजस्थान को सर्वाधिक 6 एक्सप्रेस-वे मिले हैं। इनमें से दो एक्सप्रेस-वे का काम आंशिक पूरा होने के साथ उन पर वाहनों का आवागमन चल रहा है।


- नए हाइवे बनने से इसके आसपास की जमीनों पर आर्थिक गतिविधियां बढे़ंगी।

- लॉजिस्टिक्स दक्षता और संपर्क में काफी सुधार होने की उम्मीद।

- हजारों लोगों को रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

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राज्यों में एक्सप्रेस वे व उनकी स्थिति



एक्सप्रेस वे -- लंबाई -- स्थिति -- लाभांवित राज्य

दिल्ली-मुंबई -- 1386 -- आंशिक पूरा -- दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मप्र, गुजरात, दादरा-नागर, महाराष्ट्र

अमृतसर-जामनगर -- 917 -- आंशिक पूरा -- पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात

इंदौर-हैदराबाद -- 525 -- आंशिक पूरा -- मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना

कोटा-इंदौर -- 135 (गरोठ-उज्जैन) -- प्रक्रियाधीन -- राजस्थान, मध्यप्रदेश

कोटा-इटावा -- 412 -- वर्क ऑर्डर बाकी -- राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश

अंबाला-कोटपूतली -- 313 -- कार्य पूर्ण -- राजस्थान, हरियाणा

सांचौर-अहमदाबाद -- 212 -- वर्क ऑर्डर बाकी -- राजस्थान, गुजरात

रायपुर-विशाखापत्तनम -- 465 -- प्रक्रियाधीन -- छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश

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प्रोजेक्ट के तहत बड़े राज्यों की स्थिति

 

राज्य -- कुल लंबाई -- कार्य मंजूर -- कार्य पूरा

राजस्थान -- 2503 -- 2360 -- 2152

मध्यप्रदेश -- 3029 -- 2017 -- 1137

छत्तीसगढ़ -- 571 -- 471 -- 134

महाराष्ट्र -- 3029 -- 2174 -- 1628

तमिलनाडु -- 2414 -- 1476 -- 1011

उत्तर प्रदेश -- 3127 -- 2496 -- 1612

आंध्र प्रदेश -- 2525 -- 1936 -- 641

कर्नाटक -- 1577 -- 1194 -- 742

बिहार -- 1572 -- 1152 -- 571

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