
जयपुर। प्राचीन ग्रंथों व पांडुलिपियों के संरक्षण और डिजिटाइजेशन के लिए किए जा रहे सर्वे में राजस्थान ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 10 दिनों में राज्य में 15.31 लाख पांडुलिपियों का सर्वे कर राजस्थान देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है।
संस्कृति मंत्रालय की ओर से ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के तहत पूरे देश में जहां 1 करोड़ से अधिक पांडुलिपियों का सर्वे, संरक्षण और डिजिटाइजेशन किया जाना है। इसके लिए 16 मार्च से सर्वे शुरू हुआ है, जो मई तक चलेगा। राजस्थान में सर्वे के लिए दो कलस्टर बनाए गए हैं। इसके साथ अन्य संस्थाएं भी सर्वे में सहयोग कर रही है। पिछले 10 दिन में यानी 16 से 26 मार्च तक 110 जगहों से 1531632 पांडुलिपियों का सर्वे कर किया गया है।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा, वहीं प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय कमेटियों का गठन शुरू हो गया है, इसके लिए जिलों में नोडल अधिकारी बनाए जाएंगे, जो घर—घर दस्तक देकर पांडुलिपियों का सर्वे करेंगे।विश्वविद्यालयों, पुस्तकालयों, मंदिरों, मठों और निजी संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर सर्वे कार्य को गति देंगे।
प्रदेश — कितनी पांडुलिपियों का सर्वे
राजस्थान — 15,31,632
महाराष्ट्र — 14,79,998
गुजरात — 5,66,046
उत्तरप्रदेश — 5,49,741
केरलम् - 4,06,436
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आएंगी
मिशन के तहत प्राचीन ग्रंथों और पांडुलिपियों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाकर संरक्षित करने की योजना है, ताकि आने वाली पीढ़ियां इस ज्ञान-संपदा से लाभान्वित हो सकें। सरकार का लक्ष्य है कि घरों, मंदिरों और निजी संग्रहों में सुरक्षित दुर्लभ पांडुलिपियों को भी इस अभियान से जोड़ा जाए।
— डॉ. लता श्रीमाली, राज्य नोडल अधिकारी, ज्ञान भारतम् मिशन
Updated on:
28 Mar 2026 11:51 am
Published on:
28 Mar 2026 11:51 am
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