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राजस्थान में पहली बार गर्मियों में चली शाही ट्रेन ‘पैलेस ऑन व्हील्स’, लग्जरी टूरिज्म का जुड़ा नया अध्याय

Rajasthan Luxury Train: राजस्थान की शाही पहचान मानी जाने वाली लग्जरी ट्रेन ‘पैलेस ऑन व्हील्स’ अपने 45 साल के इतिहास में पहली बार मई महीने में सफर पर निकल पड़ी है। अब तक यह ट्रेन हर साल सितंबर से अप्रैल के बीच ही संचालित होती थी, लेकिन इस बार विशेष मांग को देखते हुए पहली बार इसे मई में भी चलाने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया है।

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Palace on Wheels,Rajasthan

पैलेस ऑन व्हील्स ट्रेन (फोटो-ऑफिशियल साइट)

Rajasthan Luxury Train: राजस्थान की शाही पहचान मानी जाने वाली लग्जरी ट्रेन ‘पैलेस ऑन व्हील्स’ अपने 45 साल के इतिहास में पहली बार मई महीने में सफर पर निकल पड़ी है। अब तक यह ट्रेन हर साल सितंबर से अप्रैल के बीच ही संचालित होती थी, लेकिन इस बार विशेष मांग को देखते हुए पहली बार इसे मई में भी चलाने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया है।

पर्यटन निगम की ओर से अनुबंध पर चलाई जा रही शाही ट्रेन पैलेस ऑन व्हील्स का पहली बार पर्यटन के ऑफ सीजन में स्पेशल टूर के तहत संचालन हो रहा है। ट्रेन को एक राष्ट्रीयकृत बैंक ने राजस्थान टूर के लिए बुक कराया है। गुरुवार को ट्रेन गांधी नगर स्टेशन पहुंची जहां यात्रियों का राजस्थानी परंपरा से स्वागत किया गया। ट्रेन संचालक भगत सिंह लोहागढ ने बताया कि ट्रेन के 45 साल के इतिहास में पर्यटन के ऑफ सीजन में ट्रेन का संचालन हो रहा है।

ट्रेन में सवार देश-विदेश के मेहमान 20 से 27 मई तक भ्रमण के दौरान राजस्थान की संस्कृति, विरासत, खानपान और शाही आतिथ्य का अनुभव लेंगे । पर्यटन विभाग व रेलवे के अधिकारियों का भी मानना है कि ऑफ सीजन में मई माह में ट्रेन का संचालन आने वाले समय में राजस्थान में ऑफ सीजन लग्जरी टूरिज्म के नए अवसर शुरू करेगा । राजस्थान पर्यटन को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने में शाही ट्रेन पैलेस ऑन व्हील्स की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

1982 से संचालित हो रही ट्रेन

देश की पहली लग्जरी हेरिटेज ट्रेन मानी जाने वाली ‘पैलेस ऑन व्हील्स’ की शुरुआत 26 जनवरी 1982 को हुई थी। यह ट्रेन राजस्थान पर्यटन विकास निगम (RTDC) और भारतीय रेलवे की संयुक्त पहल है। दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित लग्जरी ट्रेनों में शामिल यह ट्रेन विदेशी और भारतीय पर्यटकों को राजस्थान की शाही संस्कृति, विरासत और राजसी आतिथ्य का अनोखा अनुभव कराती है।

2610 किलोमीटर का होगा शाही सफर

यह विशेष यात्रा 20 मई से शुरू हुई है और 27 मई 2026 को संपन्न होगी। गुरूवार को यह ट्रेन दिल्ली सफदरजंग स्टेशन से रवाना होकर जयपुर पहुंची। इस बार यह कुल 2610 किलोमीटर का सफर तय करेगी। इस दौरान ट्रेन राजस्थान के कई प्रमुख पर्यटन स्थलों और ऐतिहासिक शहरों से होकर गुजरेगी। यात्रा में जयपुर, सवाई माधोपुर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, मारवाड़ जंक्शन, जैसलमेर और बीकानेर जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल हैं।

ट्रेन के अंदर यह खास

भारतीय रेलवे की ‘भारत गौरव ट्रेन नीति’ के तहत संचालित होने वाली इस विशेष ट्रेन का नंबर 00290 रखा गया है। ट्रेन में कुल 22 कोच हैं, जिनमें शाही सैलून, सुपर डीलक्स कोच, रेस्टोरेंट-कम-बार, किचन, स्पा और स्टाफ कोच शामिल रहेंगे। ट्रेन के 14 शाही कोचों के नाम राजस्थान की पूर्व रियासतों जैसे जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर, बूंदी, अलवर और जैसलमेर के नाम पर रखे गए हैं।

जैसलमेर में होगा सबसे लंबा ठहराव

छह दिन की इस यात्रा के दौरान पर्यटकों को राजस्थान की ऐतिहासिक धरोहर, किले, महल, वन्यजीव और सांस्कृतिक विरासत को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। ट्रेन का सबसे लंबा ठहराव जैसलमेर में होगा, जहां पर्यटक थार के रेगिस्तान और स्वर्णनगरी की खूबसूरती का आनंद ले सकेंगे।

पूरी ट्रेन मई के लिए बुक

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार मई महीने में राजस्थान में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाता है, इसलिए पहले कभी इस मौसम में ट्रेन का संचालन नहीं किया गया। लेकिन इस बार एक बड़े राष्ट्रीयकृत बैंक ने पूरी ट्रेन को विशेष यात्रा के लिए बुक किया है। ऐसे समय में जब वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण बनी हुई हैं, यह बुकिंग देश के पर्यटन क्षेत्र में बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।