
RAS Pinki Meena :(फाइल फोटो-पत्रिका)
RAS Pinky Meena: जयपुर: हाईकोर्ट ने बांदीकुई में उपखंड अधिकारी रहते दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे निर्माण कंपनी के प्रतिनिधि से 10 लाख रुपए रिश्वत मांगने के मामले में निलंबित आरएएस अधिकारी पिंकी मीणा को राहत दी। कोर्ट ने करीब साढ़े पांच साल पुराने निलंबन आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। इसी मामले में एक अन्य आरोपी आरएएस अधिकारी पुष्कर मित्तल के निलंबन आदेश को पहले ही हाईकोर्ट स्टे कर चुका है। अब दोनों अधिकारियों की याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई होगी।
न्यायाधीश सुदेश बंसल ने पिंकी मीणा की याचिका पर गुरुवार को यह अंतरिम आदेश दिया। याचिका में 15 जनवरी, 2021 के निलंबन आदेश को चुनौती देते हुए कहा कि पुष्कर मित्तल के निलंबन आदेश पर रोक लगाई जा चुकी है, जबकि उसे राहत नहीं मिली।
बता दें कि दोनों अधिकारियों के खिलाफ जनवरी, 2021 में भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तारी के बाद निलंबित कर दिया गया था। सरकारी अधिवक्ता ने कहा कि दोनों आरोपियों को 30 दिसंबर, 2025 को विभाग की ओर से आरोप पत्र दिया जा चुका है।
रिव्यू कमेटी की 12 मई, 2026 को भी बैठक हुई थी। लेकिन कार्यवाही विवरण अभी नहीं आया है। पिंकी की गिरफ्तारी शादी से ठीक पहले हुई थी। ऐसे में शादी के लिए हाईकोर्ट से कुछ दिनों की अंतरिम जमानत मिली थी।
यह पूरा मामला जनवरी 2021 का है, जिसने पूरे देश में सुर्खियां बटोरी थीं। उस समय राजस्थान के दौसा जिले में 'दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे' बनाने का काम चल रहा था। सड़क बनाने वाली कंपनी के अधिकारियों ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से शिकायत की, कि यहां के स्थानीय सरकारी अफसर काम में आ रही रुकावटों को दूर करने और जमीन दिलवाने के बदले मोटी रिश्वत मांग रहे हैं।
इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए ACB ने 13 जनवरी 2021 को एक बड़ा एक्शन लिया। बांदीकुई की एसडीएम पिंकी मीणा को 10 लाख रुपए की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। दौसा के एसडीएम पुष्कर मित्तल को 5 लाख रुपए की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
हाईकोर्ट में पिंकी मीणा के वकीलों (विपुल सिंघवी और आदेश अरोड़ा) ने उन्हें राहत दिलाने के लिए कोर्ट के सामने ये मजबूत बातें रखीं। वकीलों ने कहा कि कानून के मुताबिक किसी भी अधिकारी को सस्पेंड सिर्फ इसलिए किया जाता है, ताकि वह अपने पद का फायदा उठाकर जांच को प्रभावित न कर सके। लेकिन पिंकी मीणा पिछले साढ़े पांच साल से सस्पेंड चल रही हैं। इतने लंबे समय तक सस्पेंड रखना किसी बड़ी सजा भुगतने जैसा है, जो सरकारी नौकरी के नियमों के खिलाफ है।
वकीलों ने तर्क दिया कि इस मामले की पूरी जांच हो चुकी है, कोर्ट में चार्जशीट भी बहुत पहले पेश की जा चुकी है और सरकार से केस चलाने की मंजूरी भी मिल चुकी है। अब जब सब कुछ कोर्ट के सामने आ चुका है, तो पिंकी मीणा के वापस नौकरी पर आने से केस के गवाहों या सबूतों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इसलिए उनका निलंबन अब खत्म होना चाहिए।
Updated on:
22 May 2026 07:46 am
Published on:
22 May 2026 07:46 am
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