
सांकेतिक तस्वीर, मेटा एआइ
Rajasthan Tourism: जयपुर। राज्य सरकार प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में कदम उठा रही है। इसी पहल के तहत जल्द ही जयपुर के आमेर महल, हवामहल, जंतर-मंतर सहित प्रदेश के विभिन्न स्मारकों पर महिला गाइड्स देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को राजस्थान की विरासत की जानकारी देती नजर आएंगी।
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने हाल ही पर्यटन विभाग की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि महिलाओं को भी पर्यटन गाइड का प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि वे इस क्षेत्र में अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज करा सकें।
विशेषज्ञों का कहना है कि महिला गाइड्स की भागीदारी से पर्यटन क्षेत्र में महिलाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे और यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में अहम कदम होगा। इसके साथ ही विरासत का परिचय पर्यटकों के सामने एक नए दृष्टिकोण और नए अंदाज में प्रस्तुत हो सकेगा। चूंकि 1 अप्रेल से 1 अक्टूबर तक ऑफ सीजन रहता है, ऐसे समय में पर्यटक स्मारकों के बजाय शहर के अन्य स्थलों पर जाते हैं, जहां गाइड्स की जरूरत बनी रहती है।
पर्यटन विभाग के एक अधिकारी के अनुसार महिला गाइड्स केवल आमेर या नाहरगढ़ तक सीमित नहीं रहेंगी। वे स्टेच्यू सर्कल, अमर जवान ज्योति, सिसोदिया रानी का बाग, गोविंद देवजी मंदिर, परकोटा सहित अन्य पर्यटन स्थलों पर भी गाइड कर सकेंगी, जिससे इन स्थलों को नई पहचान मिलेगी।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार महिला पर्यटन गाइड्स के प्रशिक्षण से संबंधित नियम और रूपरेखा आगामी दो महीनों में तय की जाएगी। इसके बाद प्रशिक्षण लेने की इच्छुक महिलाओं से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे।
प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में अब तक पुरुष गाइड्स का बोलबाला रहा है और शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पुरुष गाइड ही नजर आते हैं। वहीं अब जल्द ही मुख्य पर्यटन स्थलों और स्मारकों पर महिला गाइड्स भी नजर आएंगी। पर्यटन के क्षेत्र में अब ना केवल महिलाओं के लिए रोजगार के रास्ते खुलेंगे, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा अहम कदम होगा।
Updated on:
11 Jan 2026 07:37 am
Published on:
11 Jan 2026 07:35 am
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