
Uniraj PhD 2024: राजस्थान यूनिवर्सिटी में आयोजित शोध प्रवेश परीक्षा विवादों में आ गई है। राजस्थान यूनिवर्सिटी ने सिंडिकेट बैठक में परीक्षा का प्रस्ताव पास कराए बिना ही शोध प्रवेश परीक्षा का आयोजन कर लिया। यूनिवर्सिटी की ओर से परीक्षा का प्रस्ताव एकेडमिक कौंसिल में पारित किया गया था। इसके बाद इसे सिंडिकेट में रखा जाना था। लेकिन उससे पहले ही यूनिवर्सिटी ने शोध प्रवेश परीक्षा का नोटिफिकेशन निकाल दिया। गौरतलब है कि 13 फरवरी को परीक्षा का आयोजन किया गया था। राजस्थान यूनिवर्सिटी में यूजीसी के नए रेगुलेशन में उलझी शोध प्रवेश परीक्षा का आयोजन दो साल बाद किया गया है।
राजस्थान यूनिवर्सिटी में एकेडमिक कौंसिल की बैठक में शोध प्रवेश परीक्षा को यूजीसी के नए रेगुलेशन 2022 के अनुसार कराने का निर्णय लिया। नए प्रावधानों के तहत परीक्षा के बाद 30 नंबर का इंटरव्यू भी रखा जाना तय किया गया। इसका छात्रों ने विरोध किया था। इसके बाद सिंडिकेट की बैठक में शोध प्रवेश परीक्षा के प्रस्ताव को पारित करने के साथ ही इंटरव्यू के 30 नंबरों का विभाजन किया गया। इसके बाद राजभवन की ओर से आपत्ति जताई गई कि 30 नंबर का विभाजन एकेडमिक कौंसिल में ही किया जाना चाहिए। यूनिवर्सिटी ने यह प्रस्ताव भी एकेडमिक कौंसिल से पास करा लिया। लेकिन सिंडिकेट में पुन: नहीं रख पाए। इससे पहले ही परीक्षा आयोजित करा ली गई।
इस विवाद पर राजस्थान यूनिवर्सिटी के कुलपति अल्पना कटेजा का कहना है कि छात्र हित में हमने यह निर्णय लिया था। अभी परीक्षा की प्रक्रिया चल रही है। परिणाम नहीं आया है। इंटरव्यू से पहले हम प्रकरण को सिंडिकेट में ले जाएंगे और जो भी समस्या आ रही है उसका समाधान करा लेंगे।
पहले विधानसभा चुनाव की आचार संहिता और फिर सरकार बनने के बाद सिंडिकेट सदस्य नियुक्त नहीं होने के कारण यूनिवर्सिटी सिंडिकेट में परीक्षा के प्रस्ताव को नहीं ले पाई। ऐसे में आनन-फानन में एकेडमिक कौंसिल से पास करा परीक्षा आयोजित करा ली गई। अभी तक सिंडिकेट में सदस्यों की नियुक्ति नहीं हो पाई है। ऐसे में छात्रों की समस्या देखते हुए यूनिवर्सिटी की ओर से कराई परीक्षा सवालों में आ गई।
Published on:
25 Feb 2024 10:13 am
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