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डिजिटल लाइब्रेरी के उद्घाटन का इंतजार

राजस्थान विश्वविद्यालय प्रशासन ने हाइटेक विवि परिसर में 12 करोड़ की लागत से हाइटेक लाइब्रेरी तो बनवा दी लेकिन अब तक इसे शुरू नहीं किया नतीजा विवि के 30 हजार विद्यार्थियों को इसका फायदा नहीं मिल पा रहा।

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Nov 30, 2021

डिजिटल लाइब्रेरी  के  उद्घाटन का इंतजार

डिजिटल लाइब्रेरी के उद्घाटन का इंतजार

खत्म नहीं हो रहा दो साल का इंतजार
30 हजार विद्यार्थियों को कब मिलेगी राहत
डिजिटल लाइब्रेरी का अब तक नहीं हुआ उद्घाटन

छात्र कर रहे लाइब्रेरी शुरू करने की मांग
जयपुर।
राजस्थान विश्वविद्यालय प्रशासन ने हाइटेक विवि परिसर में 12 करोड़ की लागत से हाइटेक लाइब्रेरी तो बनवा दी लेकिन अब तक इसे शुरू नहीं किया नतीजा विवि के 30 हजार विद्यार्थियों को इसका फायदा नहीं मिल पा रहा। सबसे अधिक परेशानी उन विद्यार्थियों को है जो स्नातक कक्षाओं में पढ़ रहे हैं। संघटक कॉलेजों के विद्यार्थियों जैसे महारानी महाविद्यालय, राजस्थान महाविद्यालय, वाणिज्य महाविद्यालय और महाराजा महाविद्यालय के विद्यार्थियों को राजस्थान विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी में बैठने की अनुमति भी नहीं दी जाती, ऐसे में इन्हें प्राइवेट लाइब्रेरी में मोटी फीस देकर बैठना पड़ता है। वह भी तब जबकि कोविड के कारण उनकी आर्थिक स्थिति काफी कमजोर हो गई है। ऐसे में वह इंतजार में हैं कि यह लाइब्रेरी कब शुरू होगी।
सीएम और गर्वनर से करवाना है उद्घाटन
विवि से जुड़े सूत्रों के मुताबिक विश्वविद्यालय प्रशासन इस लाइब्रेरी का उद्घाटन राज्यपाल और मुख्यमंत्री से करवाना चाहता है। इसके लिए समय भी मांगा है। लाइब्रेरी के शिलान्यास के बाद से जेपी सिंघल, राजेश्वर सिंह, प्रो.आरके कोठारी और प्रो. जेपी यादव कुलपति पद पर रह चुके हैं।

गौरतलब है कि इसे पूरी तरह कम्प्यूटराइज किया गया है जिससे छात्रों को किताब की जानकारी ऑनलाइन ही मिल सके। इसके अलावा कौनसी किताब कहां रखी हैं, यह एक क्लिक करने पर ही पता चलेगा। लाइब्रेरी में आने वाले हर छात्र की जानकारी ऑनलाइन रहेगी। लाइब्रेरी की क्षमता करीब एक हजार छात्रों की है। लाइब्रेरी शुरू होने के बाद विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रहे हजारों शोधार्थियों को फायदा होगा। इसी के साथ विवि से स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहे करीब 15 हजार विद्यार्थी यहां अध्ययन कर सकेंगे। शोध कर रहे शोधार्थियों को रिसर्च पेपर सर्च करलाइन ही मिलने व अलग.अलग लेखकों की पुस्तके पढऩे के लिए हजारों रुपए खर्च नहीं करने पड़ेगे। मॉडर्न लाइब्रेरी चालू होने पर उन्हें ये कंटेट निशुल्क उपलब्ध होगा। इसके अलावा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी इसका लाभ ले सकेंगे।
कुलपति के नाम दिया ज्ञापन
छात्रों की इस परेशानी को देखते हुए एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष अभिषेक चौधरी के निर्देश पर एनएसयूआई विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष अमरदीप परिहार, सचिव अभिषेक रॉयल और छात्र नेता आमिर खान शेखावटी ने विश्वविद्यालय में कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपा और लाइब्रेरी को जल्द शुरू किए जाने की मांग की।


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