
Indian Philosophy
रिसर्च के क्षेत्रों को बढ़ावा देने और स्टूडेंट्स का भारतीय दर्शन में इंटरेस्ट जगाने के लिए राजस्थान यूनिवर्सिटी लगातार प्रयास कर रही है। यूनिवर्सिटी ने इसी ध्येय को आगे बढ़ाते हुए बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट ने यह फैसला लिया है कि वे भारतीय चिंतक और विचारक तथा इंडियन बिजनेसमैन के मैनेजमेंट मंत्र एवं बिजनेस स्ट्रेटेजी को प्रमोट करेंगे।
यूनिवर्सिटी ने पहले इसके तहत सिलेबस में बदलाव किया था। अब डेजर्टेशन के जरिए भी उन्होंने भारतीय दर्शन में छुपे मैनेजमेंट को उजागर करने का फैसला लिया है। एचओडी प्रो. अनिल मेहता ने बताया कि हमने स्टूडेंट्स को नए विषय चुनने की सलाह दी है, जिससे नए क्षेत्रों में रिसर्च एन्हेंसमेंट हो, वहीं इंडियन फिलॉसफी को प्रमोट करने का उद्देश्य उनमें छुपे लाइफ मैनेजमेंट और बिजनेस स्ट्रेटेजी से रूबरू करवाना है।
इस साल डेजर्टेशन में हमने कई ऐसे विषयों को नोटिफाई किया है, जिनमें रिसर्च की काफी संभावना है। इससे लोगों को इंडियन बिजनेस कल्चर और फिलॉसफी को जानने में मदद मिली है। डेजर्टेशन में स्टूडेंट्स को कंटेंट की प्रॉब्लम्स ना हो, इसलिए डिपार्टमेंट बुक्स की संख्या में भी इजाफा कर रहा है, वहीं उन्हें रिलेटेड स्टडी मैटेरियल भी अवेलेबल करवाया जा रहा है।
वेद, योगा, स्वच्छ भारत...
एम.कॉम के फोर्थ सेमेस्टर के स्टूडेंट्स ने डेजर्टेशन के लिए डिपार्टमेंट के सजेशन से 'मैनेजिंग स्ट्रेस थ्रू योगा, 'मैनेजमेंट ऑफ क्लीन इंडिया कैम्पेन, 'सामाजिक विज्ञापनों का यूथ पर इम्पैक्ट और एंटरप्रेन्योरशिप एंड स्किल डवलपमेंट इन इंडिया- चैलेंजेज एंड प्रोस्पैक्ट्स जैसे टॉपिक्स को चुना है। इसमें भारतीय संस्कृति को बताने वाले 'वेद और मैनेजमेंट, 'स्प्रिचुअलिटी इन मैनेजमेंट और 'रिलीवेंसी ऑफ गांधी इन मॉडर्न मैनेजमेंट जैसे विषय भी हैं।
