
Rajasthan Vidhansabha : पिछली विधानसभा में कम सक्रिय रहे विधायकों को पार्टियों और जनता दोनों ने नकार दिया। कम सवाल उठाने वालों में से कुछ तत्कालीन विधायकों को टिकट नहीं मिला और कुछ को जनता ने चुनाव में हराकर सदन से दूर कर दिया। इनमें से कुछ विधायक तो ऐसे भी थे, जो सदन में दिखने के बावजूद जनता के लिए सवाल पूछने में पीछे रहे।
सवाल पूछने में फिसड्डी रहे इन विधायकों की सदन में सक्रियता कम रही, वहीं भाजपा एक ही सत्र को लंबा खींचने से सवाल पूछने का मौका कम मिलने की शिकायत करती रही। सवाल कम पूछने वाले इन विधायकों में सत्तापक्ष के विधायकों की संख्या ज्यादा रही। सदन में सवाल पूछने और उपस्थिति में पीछे रहे तत्कालीन विधायकों में सत्तापक्ष और विपक्ष के कुछ शीर्ष नेता भी हैं, लेकिन वे अपने कद के कारण सीट निकालने में कामयाब रहे। सवाल पूछने में सबसे आगे रही भाजपा की संतोष चुनाव हार गई, वहीं हाजिरी में टॉप रहने के बावजूद सदन में निर्वाचन क्षेत्र की आवाज कम उठाने वालों को भी जनता ने रिजेक्ट कर दिया।
प्रश्न पूछने में पीछे रहे 44 विधायक (वे विधायक शामिल नहीं जो प्रश्न पूछ नहीं सकते थे)
19- फिर से चुनाव जीत गए
18- चुनाव हार गए
7- टिकट नहीं मिला
सवाल पूछने में टॉप-5 विधायक
सवाल पूछने में सबसे आगे रहे पांच विधायकों में दो इस बार फिर जीतकर आए हैं, जबकि एक को टिकट नहीं मिला और दो चुनाव हार गए।
15 वीं विधानसभा के विधायकों की परफाॅर्मेंस के बारे में एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट के अनुसार...
| नाम | पूछे गए सवालों की संख्या |
| संतोष | 550 |
| फूलसिंह मीना | 542 |
| अमृतलाल मीना | 535 |
| बिहारीलाल | 534 |
| धर्मनारायण जोशी | 532 |
वर्षवार सदन का लेखा-जोखा
प्रतिवर्ष सदन चलने का औसत 29 दिन और प्रश्न पूछने का औसत प्रति विधायक 204 प्रश्न रहा। 18 विधायक ऐसे थे, जिन्होंने 500-500 से अधिक प्रश्न पूछे। इसी तरह 77 विधायक ऐसे थे, जिन्होंने 100-100 से कम प्रश्न पूछे। इन 77 विधायकों में मुख्यमंत्री, मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष व सचेतक-उप सचेतक के अलावा वे विधायक भी शामिल हैं, जो कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए या उप चुनाव में जीतकर आए।
| वर्ष | बैठक | प्रश्न पूछे | पारित विधेयक |
| 2019 | 32 | 8619 | 25 |
| 2020 | 29 | 8039 | 30 |
| 2021 | 26 | 8479 | 20 |
| 2022 | 30 | 8363 | 19 |
| 2023 | 30 | 8357 | 32 |
15 वीं विधानसभा में चुने गए 208 विधायक
पिछली बार जनता ने 208 नेताओं को चुनकर विधानसभा भेजा, जिनमें 6 वे विधायक हैं जिनका कार्यकाल पूरा होने से पहले ही निधन हो गया और उनकी जगह नए विधायक चुने गए। इनके अलावा पिछली बार दो विधायक सांसद बन गए थे और उनकी जगह भी नए विधायक आए थे।
किस विभाग से जुड़े ज्यादा प्रश्न पूछे गए
| विभाग | पूछे गए प्रश्न |
| स्वास्थ्य | 5237 |
| शिक्षा | 4958 |
| ऊर्जा | 2545 |
| सार्वजनिक निर्माण | 2458 |
| स्वायत्त शासन | 2270 |
| गृह | 2027 |
| राजस्व | 1813 |
| कृषि | 1639 |
| पंचायती राज | 1442 |
| ग्रामीण विकास | 1187 |
176 विधायकों ने पूछे 42454 सवाल
पिछली विधानसभा इस बात के लिए जानी जाएगी कि जितने तारांकित प्रश्न सूचीबद्ध हुए, सभी की बारी आई। पहले अक्सर प्रश्न का नंबर आने से पूर्व ही प्रश्नकाल पूरा हो जाने की शिकायत रहती थी। इस सदन में 176 विधायकों ने 42,454 सवाल पूछे गए।
Published on:
22 Dec 2023 10:11 am
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