
Rajasthan Politics : स्वास्थ्य की अनुदान मांगों पर बहस के दौरान शुक्रवार को सत्तापक्ष के साथ ही कांग्रेस के विधायकों ने भी पूर्ववर्ती सरकार की कमियों को गिनाया। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ ने बहस की शुरुआत करते हुए कहा कि सरकार चिकित्सकों को पहले पांच साल तक दूरदराज के गांवों में लगाए, राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (आरयूएचएस) को पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत के नाम पर किया जाए।
सराफ ने कहा कि प्रदेश में इस बार बजट का 8.26 प्रतिशत हिस्सा स्वास्थ्य पर खर्च होगा, जो पूर्ववर्ती सरकार के पांच साल के औसत खर्च से 1.5 प्रतिशत ज्यादा है। विपक्ष पूर्ववर्ती सरकार की योजनाएं बंद होने की बात कहकर गुमराह कर रहा है। चिरंजीवी योजना में सुधार कर मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना नाम कर दिया, 25 लाख रुपए तक कैशलेस इलाज हो रहा है। कैंसर जैसी बीमारियों के लिए आईपीडी के साथ डे केयर का पैकेज जोड़ा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार के समय अंग प्रत्यारोपण के लिए 2 हजार फर्जी एनओसी दी गई और भ्रष्टाचार पर आंखें मूंदे रखी। पूर्ववर्ती सरकार ने वोट के लिए जालोर, राजसमंद व प्रतापगढ़ में मेडिकल कॉलेज खोलने की फर्जी घोषणा की। राजनीतिक द्वेष के कारण मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र स्थित जेके लॉन अस्पताल में आईपीडी टॉवर की घोषणा नहीं की। उन्होंने सुझाव दिया कि नए चिकित्सकों से 5 साल तक दूरदराज गांव में सेवाएं देने का बॉण्ड भरवाएं। शहरी भत्ता बंद कर दूरदराज काम के लिए 15 प्रतिशत भत्ता दिया जाए। संभाग स्तर के अच्छे स्कूलों में चिकित्सकों के बच्चों को प्रवेश दिलाएं।
सराफ ने मांग की कि राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय को पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत के नाम पर किया जाए और इससे जुड़े अस्पताल को एसएमएस के विकल्प के रूप में विकसित किया जाए। भाजपा विधायक अनीता भदेल ने भी आरयूएचएस का नाम पूर्व उपराष्ट्रपति भैरो सिंह शेखावत के नाम पर करने और अजमेर मेडिकल कॉलेज को यूनिवर्सिटी में बदलने की मांग की।
कांग्रेस की डॉ. शिखा मील बराला ने आरोप लगाया कि सिर्फ योजनाओं के नाम बदल रहे हैं। अस्पतालों में सिजेरियन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से लोग प्रसव के लिए निजी अस्पताल जाते हैं। उन्होंने लू से मौत के जिलेवार आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग रखी। साथ ही, कहा कि सीएचओ भर्ती का इंतजार है। संविदा पर लगे कर्मचारी हटाए जा रहे हैं। वर्तमान सरकार बुलडोजर सरकार बन गई है। औचक निरीक्षण के लिए कभी थाने, कभी अस्पताल व कभी जेडीए जाते हैं, पर नीति पर कोई काम नहीं। सरकार के पैसे से बीजेपी और प्रधानमंत्री मोदी की ब्रांडिंग की जा रही है। भाजपा के संदीप शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शासन में देश मजबूत हुआ है।
उधर, कांग्रेस के श्रवण कुमार ने कहा कि अफसरों ने तो गहलोत चुनाव जीतते ही वसुंधरा की तस्वीर हटा दी और अब भजनलाल शर्मा की लगा दी। अफसरों के भरोसे राज नहीं हो सकता, जनता के भरोसे ही राज हो सकता है। उन्होंने कहा कि हमारे परसादी लाल मीणा भी नशे में थे, 50 हज़ार से चुनाव हार गए। डॉक्टर्स को कंट्रोल करना होगा। डॉक्टर्स के घर मरीज़ बैठे रहते है और अस्पताल खाली रहते हैं। सत्ता पक्ष कहता है मोदी जी ने वैक्सीन लगवाई, उस वैक्सीन से ही हार्ट अटैक हो रहे हैं। गहलोत ने 25 लाख का बीमा करवाया, उसमें भी भ्रष्टाचार होता था।
निर्दलीय विधायक यूनुस खान ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में 6 हजार लोगों पर एक चिकित्सक और साढ़े तीन ग्राम पंचायतों पर एक सीएचसी या एक पीएचसी है। भाजपा विधायक बालमुकुंदाचार्य ने कहा कि कोरोना काल में तब की सरकार और अधिकारियों ने आपदा में अवसर तलाशते हुए जमकर चांदी कूटी। उन्होंने कहा कि जयपुर की परकोटा क्षेत्र में गलियां हैं, वहां बाइक एंबुलेंस की व्यवस्था करनी चाहिए।
कांग्रेस विधायक राजेंद्र पारीक ने कहा कि कोरोना के समय प्रधानमंत्री ने हमारे भीलवाड़ा मॉडल की तारीफ की। पिछले सालों में इतनी योजनाएं लागू हो गई है कि आमजन गुमराह हो गया है। पहले भामाशाह, उसके बाद चिरंजीवी, फिर आयुष्मान और अब मां योजना आई है। भाजपा विधायक झाबर सिंह सांखला ने कहा कि कोरोना काल में पूरी सरकार होटलों में रही थी जबकि भाजपा और अन्य संगठन धरातल पर लोगों की मदद कर रहे थे।
Published on:
20 Jul 2024 10:19 am

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