
समीर शर्मा / जयपुर। राजस्थान विधानसभा में पशुओं पर चर्चा के दौरान गधे-घोड़ों का नाम लेकर विधायक खरीद-फरोख्त व सियासी संकट की गूंज रही। इस दौरान ठहाके लगे और एक-दूसरे पर तंज कसे गए। उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने सत्ता पक्ष से कहा कि गधों को क्या मनाते हो, वो दिनभर मालिक का कहना मानते हुए शाम तक बोझा ढोता है, रात को मालिक छोड़ देते हैं और अगली सुबह फिर लौट आता है।
राठौड़ ने सियासी संकट की ओर इशारा करते हुए कहा कि वापस लौट कर जो अपने घर पर आते हैं, वो किस संस्कृति के लोग हैं। आप इस संस्कृति को बचाने की कोशिश करो। मुख्यमंत्री रोज होर्स ट्रेडिंग की बात करते हैं, बताओ कौन से घोड़े थे, जिनकी खरीद-फरोख्त के बाद भी संख्या कम रह गई। निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा ने राठौड़ से कहा कि आप राजस्थान में घोड़े खरीद ने में विफल क्यों हो गए।
राठौड़ ने जवाब दिया कि घोड़े अस्तलब में ज्यादा बंधे नहीं रह सकते। सभापति महेंद्रजीत सिंह मालवीया के टोकने पर राठौड़ ने कहा कि सवाल यही तो कि मुख्यमंत्री ने घोड़ा खरीद में क्या भूमिका निर्वहन की, कितने घोड़े खरीदे, यही तो प्रश्न है। मंत्रीमंडल विस्तार होगा, फिर विस्फोट होगा और घोड़े अपने-अपने अस्तबल में चले जाएंगे।
गधों की गणना हो रही थी, तब आप पांच सितारा में थे
राठौड़ ने गधों की घटती संख्या का जिक्र करते हुए राज्य सरकार की ओर से सियासी संकट के दौरान की गई बाड़ाबंदी की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि मैं पशुपालन मंत्री से पूछना चाहता हूं कि महोदय जब गधों की गणना हो रही थी, तब आप कहां थे। तब पांच सितारा होटल में पहुंचकर सरकार अपनी कुर्सी बचाने में लगी हुई थी। कम से कम गधों की तो चिंता करो।
गधे ज्यादा इंटेलीजेंट थे, घोड़े नहीं खरीद पाए
बहस में कांग्रेस विधायक दिव्या मदेरणा भी कूद गईं। उन्होंने कहा कि संयम लोढ़ा ने पूछा कि होर्स ट्रेडिंग में घोड़े क्यों नहीं खरीद पाए, आप इसलिए नहीं खरीद पाए क्योंकि गधे ज्यादा इंटेलीजेंट थे। राठौड़ ने तत्काल खड़े होकर कहा कि ये आपका सत्ता पक्ष की ओर इशारा है।
Published on:
15 Mar 2021 05:04 pm
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