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युवक के गायब होने का मामला उठा संयम लोढ़ा वैल में धरने पर बैठे, सीएम के कहने पर वापस लौटे

पिंडवाड़ा में युवक के गायब होने और बाद में उसकी लाश मिलने की सीबीआई जांच की रखी मांग, वैल में की नारेबाजी, धरने में भाजपा विधायक संभाराम गरासिया ने भी दिया लोढ़ा का साथ, अध्यक्ष सी.पी, जोशी ने इस तरह वैल में आने को बताया गलत परंपरा, कहा पूरे देश में ऐसे मामलों में एक दिन के लिए सदन से बाहर करने पर चल रही चर्चा

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विकास जैन / जयपुर। शून्यकाल के दौरान निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा ने पिंडवाड़ा में एक युवक के गायब होने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि पिंडवाड़ा पुलिस ने कार्यवाही नहीं की और दो दिन बाद युवक पंकज सुथार की लाश मिली। उन्होंने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग रखी। अध्यक्ष ने उन्हें टोका तो लोढ़ा अपराधियों को पकडऩे की मांग करते हुए वैल में धरने पर बैठ गए। इस दौरान उनका साथ पिंडवाड़ा से भाजपा विधायक संभाराम गरासिया ने भी दिया। कुछ देर बाद अध्यक्ष सी.पी. जोशी ने उन्हें वापस अपनी जगह जाने के लिए कहा। जोशी ने कहा कि इस मामले में ध्यान आकर्षित हो गया है, अब वे वापस अपनी सीट पर चले जाएं।

जोशी ने कहा कि वैल में आना गलत परंपरा है। पूरे देश में इस बात पर चर्चा चल रही है कि वैल में आने वालों को उस दिन के लिए सदन से बाहर कर दिया जाए। जोशी ने इस तरह के मामलों में छत्तीसगढ़ का उदाहरण भी दिया। इस पर लोढ़ा ने सदन में नारेबाजी की। उस दौरान सदन में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी मौजूद थे। कुछ देर बाद मुख्यमंत्री ने संयम लोढ़ा को आश्वासन देते हुए अपनी जगह जाने के लिए कहा। इसके बाद विधायक अपनी जगह पर चले गए। कुछ देर बाद मुख्य सचेतक महेश जोशी लोढ़ा के पास गए और दोनों आपस में बातचीत करने लगे।

नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया की तबियत खराब

नेता प्रतिपक्ष की सदन की कार्यवाही के दौरान तबियत खराब हो गई। उन्हें उल्टी दस्त की शिकायत बताई गई। इसके बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया और उप नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ उन्हें आवास के लिए बाहर तक छोडने गए।

गहलोत ने बताया झोलाछाप के मामले को गंभीर

विधानसभा में शून्यकाल के दौरान भाजपा विधायक मदन दिलावर ने झोलाछाप डॉक्टरों का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में डॉक्टरों के पद खाली हैं। रामगंज मंड़ी में 100 लोगों की मौत हर साल इसके कारण हो जाती है। दिलावर ने कहा कि ऐसे हालातों के कारण लोग खुद ही झोलाछाप के पास जाने के लिए मजबूर हैं। सरकार कुछ नहीं कर रही है। इस पर सदन में मौजूद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि यह विषय गंभीर है और सरकार इस पर कार्रवाई कर रही है।


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