
अनाज बह गया, सरसों मिल गई पानी में, तरबजू, मिर्च, टिंडे की फसलें हुई नष्ट
Farmers Demand Compensation: मौसम की मार से किसान बुरी तरह बेहाल हैं। एक ओर खेतों में ओलावृष्टि ने फलों और सब्जियों की फसलें बर्बाद कर दीं, वहीं दूसरी ओर मंडियों में बारिश ने खुले में रखी उपज को भीगाकर भारी नुकसान पहुंचाया है।
झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी के चंवरा मंडल में शनिवार को तेज ओलावृष्टि हुई। किशोरपुरा के किसान मुकेश शर्मा ने बताया कि उन्होंने करीब 10 बीघा में तरबूज, खरबूज, भिंडी, मिर्ची और लौकी की खेती की थी। फसल तैयार थी और मंडी भेजने की तैयारी चल रही थी। लेकिन अचानक हुई ओलावृष्टि ने सब नष्ट कर दिया।
किसानों मक्खन राम सैनी, कालूराम सैनी और धनाराम सैनी ने बताया कि उन्होंने साहूकार से कर्ज लेकर खेती की थी। फसल से मुनाफे की उम्मीद थी, लेकिन अब लागत भी नहीं निकल पाई। किसानों ने दुखी होकर कहा – “राम रूठ गया, अब तो राज (सरकार) की आस है।”
इसी बीच, बारां जिले की कृषि उपज मंडी में सोमवार को बारिश ने किसानों की तैयार उपज को तबाह कर दिया। मंडी में करीब 60 हजार कट्टे गेहूं, 5 हजार कट्टे सरसों और सोयाबीन खुले में रखे थे। दोपहर में अचानक हुई 12 मिनट की बारिश से कई किसानों की उपज बह गई या भीग गई।
नायब तहसीलदार सुरेंद्र कुड़ी ने बताया कि ओलावृष्टि से हुए नुकसान का सर्वे करवाया जा रहा है। सर्वे के बाद किसानों को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। खेती से लेकर मंडी तक की इस तबाही ने राज्य के अन्नदाताओं को चिंता में डाल दिया है। अब सभी की निगाहें सरकार की राहत नीति पर टिकी हैं।
Published on:
06 May 2025 08:45 am
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