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Diabetes in children: बच्चों में टाइप-1 डायबिटीज का खतरा, जयपुर के आरयूएचएस में खुलेगा एक्सीलेंस सेंटर

Center of Excellence for Type 1 Diabetes : स्वास्थ्य अधिकारियों का ध्यान टाइप 2 मधुमेह की रोकथाम और नियंत्रण पर अधिक है, जो ज्यादातर गतिहीन जीवन शैली और अन्य संबंधित कारणों से वयस्कों में विकसित होता है, इसलिए राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ एंड साइंसेज (RUHS) ने टाइप 1 मधुमेह के लिए एक एक्सीलेंस सेंटर की योजना बनाई है।

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जयपुर

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Amit Purohit

Jan 15, 2023

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diabetes in children

जयपुर. बच्चों में टाइप 1 मधुमेह एक ऐसी स्थिति है जिसमें बच्चे का शरीर एक महत्वपूर्ण हार्मोन (इंसुलिन insulin) का उत्पादन नहीं करता है। बच्चों में टाइप 1 मधुमेह का कोई इलाज नहीं है, लेकिन इसे नियंत्रित किया जा सकता है। यदि बच्चों में टाइप 1 मधुमेह के लक्षण हैं जैसे अत्यधिक प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, उल्टी, सुस्ती और अत्यधिक नींद आना, तो ब्लड शुगर टेस्ट करवाना चाहिए।

बच्चों में टाइप 1 डायबिटीज का प्रबंधन काफी चुनौतीपूर्ण होता है, ऐसे में टाइप 1 डायबिटीज के प्रबंधन और उपचार से संबंधित सभी मुद्दों के समाधान के लिए राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (आरयूएचएस) अस्पताल में टाइप 1 डायबिटीज से ग्रस्त बच्चों के उचित विकास में मदद के लिए एक एक्सीलेंस सेंटर शुरू किया जा रहा है।


स्वास्थ्य अधिकारियों का ध्यान टाइप 2 मधुमेह की रोकथाम और नियंत्रण पर अधिक है, जो ज्यादातर गतिहीन जीवन शैली और अन्य संबंधित कारणों से वयस्कों में विकसित होता है, इसलिए आरयूएचएस अस्पताल ने टाइप 1 मधुमेह के लिए एक एक्सीलेंस सेंटर की योजना बनाई है, तकनीकी विशेषज्ञता के लिए डेनमार्क की एक फर्म के साथ सहयोग किया गया है।

आरयूएचएस के कुलपति डॉ. सुधारी भंडारी ने बताया कि अग्न्याशय वह अंग है जो हार्मोन इंसुलिन का उत्पादन करता है, लेकिन टाइप 1 डायबिटीज में अग्न्याशय हार्मोन इंसुलिन का उत्पादन नहीं करता है या बहुत कम इंसुलिन का उत्पादन करता है। ऐसी स्थिति में, रोगियों का उपचार अधिक चुनौतीपूर्ण होता है। यह बच्चों और किशोरों में और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। टाइप 1 डायबिटीज पोषण, हड्डियों के विकास, बौद्धिक विकास को प्रभावित कर सकता है, इसमें तंत्रिका तंत्र भी शामिल है साथ ही जीवन की गुणवत्ता और विकास भी प्रभावित होता है।

डॉ भंडारी ने कहा, सेंटर में टाइप 1 डायबिटीज के सभी मुद्दों पर ध्यान दिया जाएगा ताकि एक बच्चा टाइप-1 मधुमेह के साथ बेहतर जीवन जी सके। आरयूएचएस के अधिकारियों के अनुसार, मधुमेह मस्तिष्क, हृदय, आंखों, गुर्दे और तंत्रिकाओं को प्रभावित कर सकता है। इसलिए, बच्चों के उचित विकास के लिए मधुमेह के बेहतर प्रबंधन की आवश्यकता है।