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नागौर में फिर भरेगा विश्व विख्यात पशु मेला, उससे पहले सांसद से लेकर कलक्टर उठा रहे ये मांग

- नागौर का विश्वविख्यात श्री रामदेव पशु मेला - 22 जनवरी से 5 फरवरी तक लगेगा पशु मेला - पशु परिवहन के लिए ट्रेन चलाने की उठ रही मांग - सांसद से लेकर कलक्टर तक हुए सक्रीय - रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को सांसद बेनीवाल का आग्रह  

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Rajasthan World Famous Nagaur Pashu Mela Latest News Update

जयपुर।

राजस्थान के नागौर में 22 जनवरी से शुरू होने जा रहे विश्वविख्यात श्री रामदेव पशु मेले के दौरान पशुओं के परिवहन के लिए ट्रेन शुरू करने की मांग ज़ोर पकड़ने लगी है। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल से लेकर कलक्टर पीयूष सामरिया भी इस मांग को पुरज़ोर तरीके से उठा रहे हैं। इस मांग को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और उत्तर पश्चिम रेलवे के अधिकारियों को अवगत करवाया गया है।

...ताकि पशुपालकों का बढे रुझान : बेनीवाल
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी सांसद हनुमान बेनीवाल ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर नागौर में आगामी रामदेव पशु मेले के मद्देनज़र पशु परिवहन के लिए ट्रेन चलाने की मांग की है। सांसद ने अपने पत्र में लिखा कि नागौर में विख्यात रामदेव पशु मेले में पशुओं के परिवहन के लिए कम से कम शुल्क पर जल्द से जल्द ट्रेन शुरू की जाए, ताकि मेले में आने के इच्छुक किसान व पशु व्यापारियों का रुझान मेले के प्रति ज्यादा बढ़ सके।

सांसद ने कहा कि पूर्व में कोरोना और हाल ही में लंपी स्किन डिजीज के कारण किसानों व पशुपालकों की स्थिति खराब हो चली है। ऐसे में जल्द से जल्द ट्रेन शुरू करने के लिए निर्देशित किया जाए।

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गौरतलब है आरएलपी सांसद बेनीवाल ने यही मसला उत्तर पश्चिम रेलवे की बीते दिनों जयपुर में हुई क्षेत्रीय रेलवे उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति (जेडआरयूसीसी) की बैठक में भी उठाई थी।

इधर कलक्टर पीयूष समारिया ने भी पशुपालन विभाग के शासन सचिव और जोधपुर रेल मंडल प्रबंधक से अलग-अलग पत्राचार करते हुए नागौर के विश्व प्रसिद्ध राज्य स्तरीय रामदेव पशु मेले में पशु परिवहन के लिए ट्रेन चलाने का आग्रह किया है। कलक्टर ने पशु मेले की महत्ता बताते हुए कहा है कि पशु खरीदने के लिए बाहरी राज्यों से आने वाले पशुपालकों की सुविधा और मेले को संजीवनी देने के लिए ट्रेन (मालगाड़ी) चलाई जाए।

ये भी पढ़ें: कलक्टर ने लिखा पत्र - पशु परिवहन के लिए चले ट्रेन

फैक्ट फ़ाइल
- नागौर में 22 जनवरी से 5 फरवरी तक लगेगा पशु मेला
- राज्य स्तरीय होने के साथ देश का दूसरा सबसे बड़ा मेला
- उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली समेत कई राज्यों से आते हैं पशुपालक
- नागौरी नस्ल के बैल खरीदने में दिखती है दिलचस्पी
- पशु प्रतियोगितायें रहती हैं आकर्षण का केंद्र