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चुनाव लड़ रहे भाजपा प्रत्याशी को बना दिया मंत्री, लोढ़ा-राठौड़ में सोशल मीडिया पर हुआ वाद-विवाद

भजन लाल सरकार में सुरेन्द्र पाल सिंह टीटी को राज्यमंत्री ( स्वतंत्र प्रभार ) बनाए जाने के बाद से प्रदेश की सियासत गरमा गई है। प्रदेश में श्रीकरणपुर सीट पर उपचुनाव हो रहे हैं।

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Rajendra Rathore and Sanyam Lodha on Surender Pal Singh tt taken oath

जयपुर। भजन लाल सरकार में सुरेन्द्र पाल सिंह टीटी को राज्यमंत्री ( स्वतंत्र प्रभार ) बनाए जाने के बाद से प्रदेश की सियासत गरमा गई है। प्रदेश में श्रीकरणपुर सीट पर उपचुनाव हो रहे हैं। अगले सप्ताह यहां वोटिंग होनी है। यहां से भाजपा ने सुरेन्द्र पाल सिंह टीटी को प्रत्याशी बनाया है। मंत्रिमंडल के गठन में इनको भी शामिल कर पार्टी ने सबको चौंका दिया है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि भाजपा का अहंकार सातवें आसमान पर है। अहंकार की पराकाष्ठा ही है कि चलते चुनाव में प्रत्याशी को मंत्री बना दिया। मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए टीटी को मंत्री बनाया है। चुनाव आयोग को शिकायत की है। जरूरत पड़ी तो कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे।

लोढ़ा-राठौड़ में सोशल मीडिया पर हुआ वाद-विवाद
पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने भी सुरेन्द्र पाल सिंह टीटी को मंत्री बनाए जाने पर आपत्ति जताई और इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता से बात कर उचित कार्यवाही की मांग की है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने लोढ़ा के बयान पर सरकार के बचाव में कहा कि संविधान के अनुसार किसी को भी निर्वाचित हुए बिना मंत्री पद धारण करने का अधिकार है। संविधान की तीसरी अनुसूची के अनुसार ली गई शपथ किसी प्रकार की आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है।

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इस पर संयम लोढ़ा ने राजेन्द्र राठौड़ को टेग कर ट्वीट किया कि निर्वाचन आयोग की ओर से जारी 'मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट फॉर द गाइडेंस ऑफ पॉलिटिकल पार्टीज एंड केंडिडेट' के बिंदू संख्या 32 के भाग दो का जरूर अवलोकन करें। इसमें स्पष्ट लिखा है कि सत्तारूढ़ पार्टी के पक्ष में मतदाता को प्रभावित करने के लिए सरकार में की गई नियुक्ति आचार संहिता का उल्लंघन है।