
जयपुर . प्रदेश में चिकित्सकों की हड़ताल भले ही समाप्त हो गई हो, लेकिन इस पर अब राजनीति गरमानी शुरू हो गई है। नवलगढ़ से विधायक डॉ. राजकुमार शर्मा ने कहा कि 305 लोगों की जान जाने के बाद भी सरकार के मंत्री और चिकित्सक एक दूसरे को मिठाई खिलाकर फोटो खिंचवा रहे हैं। इतने लोगों की जान जाने की जिम्मेदारी सरकार ने तय ही नहीं की।
वहीं सरकार ने 12 नवम्बर के हुए समझौते को अक्षरश: लागू करने की बात कहीं है। जब यही करना था तो फिर डॉक्टरों के तबादले कर दमनात्मक कार्रवाई क्यों की गई। उधर, चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ बार-बार कहते रहे कि डॉक्टरों को चीटी की तरह मसल दूंगा। न तो डॉक्टर मसले गए और न ही मंत्री, इन सबमें मसली गई तो सिर्फ जनता है। इसके बावजूद सरकार के मंत्री खुश हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार को 305 लोगों की जान जाने और लाखों लोगों को इलाज से महरूम होने की जिम्मेदारी तय करनी चाहिए। इसके लिए सरकार को चिकित्सा मंत्री से इस्तीफा लेना चाहिए या फिर उन्हें पद से बर्खास्त कर देना चाहिए। सरकार ऐसा नहीं करती है तो शर्मा ने खुद के इस्तीफे को स्वीकार करने की मांग की है। शर्मा शुक्रवार सुबह 11 बजे विधानसभा अध्यक्ष को इस्तीफा सौंपेंगे।
सरकार ने यह किया समझौता
प्रदेश में डॉक्टरों की 12 दिन की हड़ताल के बाद आखिर सरकार को झुकना पड़ा। सरकार ने सेवारत चिकित्सक संघ के प्रदेशाध्यक्ष अजय चौधरी का हिण्डौन सिटी किए तबादले को निरस्त कर उन्हें सीकर के सीएमएचओ पद पर लगाने पर सहमति दी। साथ ही साथ ही अन्य स्थानांतरित 12 डॉक्टरों से विकल्प पत्र लेकर उनके स्थान बदले जाएंगे। इसी तरह स्वास्थ्य विभाग में अतिरिक्त निदेशक पर कार्यरत आरएएस को हटाने पर भी सरकार को राजी होना पड़ा। डॉक्टरों पर रेस्मा के तहत दर्ज मामलों को सरकार वापस लेने को भी तैयार हो गई है।
Published on:
28 Dec 2017 03:20 pm
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