
राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने प्रताप नगर स्थित राज आंगन योजना में बंगला आवंटन में नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। वे गुरुवार को यहां पहुंचे और कहा कि पहले मंत्री ने जमीन आवंटन को स्वीकृति नहीं दी और सात दिन बाद ही आवंटन कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में भ्रष्टाचार हुआ है।
सांसद ने कहा कि वर्ष 2020 में राज आंगन योजना में कोटा निवासी अश्विनी को कौशल विकास की शिक्षा देने के नाम पर मात्र सात करोड़ रुपए में तीन बंगले आवंटित कर दिए, जबकि इन बंगलों की कीमत 150 करोड़ रुपए है। अब तक इन बंगलों में कोई सेंटर चालू नहीं हुआ। सांसद ने कहा कि योजना में दर्जनभर से अधिक निर्माण चल रहे हैं। मूल स्वरूप से छेड़छाड़ की जा रही है, लेकिन कोई रोक नहीं रहा। सांसद ने कहा कि मंडल आयुक्त रहते हुए आईएएस नीरज के. पवन एक गेस्ट हाउस में रहते थे, लेकिन उन्होंने अब तक अवैध कब्जा कर रखा है।
यह भी पढ़ें : सीएम गहलोत ने दो हजार के नोट बंद करने के पीछे बताया बड़ा 'खेला'
आवासन मंडल ने रखा पक्ष
सांसद के सवालों पर डिप्टी हाउसिंग कमिश्नर केसी ढाका ने कहा कि जमीन रियायती दर पर आवंटित नहीं की गई। सात वर्ष में निर्माण करने की शर्त शामिल है। वर्तमान में जमीन खाली है। अवैध निर्माण हटाने का काम निगम का है। वर्ष 2010 में यह कॉलोनी निगम को हस्तांतरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अतिरिक्त महाधिवक्ता अनिल मेहता की राय के बाद 27 मार्च को आदेश जारी किया था। इसमें लिखा है कि सेटबैक और एफएआर, ऊंचाई को पूर्वानुसार रखते हुए डिजाइन में बदलाव करने की स्वीकृति दी गई है।
यह भी पढ़ें : राजस्थान की आरक्षण व्यवस्था में होगा बड़ा बदलाव, सीएम अशोक गहलोत ने कर दिया ये एलान
यह एरिया कई वर्ष पहले ही नगर निगम काे ट्रांसफर हो चुका है। यहां होने वाले अवैध निर्माण को रोकने का काम निगम ही कर रहा है। यदि अभी अवैध निर्माण हो रहा है तो उसे रोका जाएगा। जमीन आवंटन का मामला मेरी जानकारी में नहीं है। मंडल ने आवंटन नियमानुसार ही किया होगा।
- शांति धारीवाल, नगरीय विकास मंत्री
Published on:
26 May 2023 09:31 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
