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Raksha Bandhan Rajasthan Market: राजस्थान में इस बार 90 करोड़ की राखी बिकेगी

रक्षाबंधन के त्योहार आने के साथ ही बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। पिछले साल से 25 फीसदी महंगी होने के बावजूद इस साल राखी कारोबारियों को राजस्थान में 90 करोड़ रुपए की राखी बिक्री की उम्मीद है। इसके साथ अगर मिठाइयां, चॉकलेट और सोने-चांदी की बिक्री को मिला लिया जाए तो यह आंकड़ा 150 से 160 करोड़ रुपए के आस-पास पहुंचता है।

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Raksha Bandhan Rajasthan Market:  राजस्थान में इस बार 90 करोड़ की राखी बिकेगी

Raksha Bandhan Rajasthan Market: राजस्थान में इस बार 90 करोड़ की राखी बिकेगी

Raksha Bandhan Rajasthan Market: रक्षाबंधन के त्योहार आने के साथ ही बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। पिछले साल से 25 फीसदी महंगी होने के बावजूद इस साल राखी कारोबारियों को राजस्थान में 90 करोड़ रुपए की राखी बिक्री की उम्मीद है। इसके साथ अगर मिठाइयां, चॉकलेट और सोने-चांदी की बिक्री को मिला लिया जाए तो यह आंकड़ा 150 से 160 करोड़ रुपए के आस-पास पहुंचता है। कोरोना काल के दो साल बाद इस बार लोगों में रक्षाबंधन को लेकर जबरदस्त उत्साह है। पिछले दो साल से लड़खड़या राखी का कारोबार अब इस महामारी से पूरी तरह से उबर चुका है। इस साल व्यापार कोरोना के पहले के मुकाबले बढ़ा हुआ दिख रहा है। हालांकि कच्चा माल महंगा होने से इस साल बाजारों में राखियां महंगी जरूर हैं, लेकिन बिक्री पिछले साल से ज्यादा है। जयपुर में राखी के थोक व्यापारी मगन लाल अग्रवाल का कहना है कि कुल लागत करीब 25 फीसदी बढ़ी है, मगर दाम 10 से 15 फीसदी ही बढ़ाए गए हैं। इससे व्यापारियों का मुनाफा घट गया है। कोरोना की वजह से पिछले दो साल राखी कारोबार के लिए ठीक नहीं रहे, लेकिन इस साल कोरोना का डर खत्म होने पर खुदरा कारोबारियों की डिमांड निकली है। दूसरी तरफ, फोर्टी के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने बताया कि शुरुआत में खुदरा कारोबारियों ने इस साल काफी ज्यादा माल खरीदा है। अब खरीद सुस्त पड़ती दिखाई दे रही है। अगर खुदरा कारोबारियों का पूरा माल नहीं बिका तो भुगतान फंसने का डर है।

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ईविल राखी की मार्केट में खूब है मांग
इस साल बाजार में किस्म-किस्म की राखियां नजर आ रही हैं। ईविल आई यानी नजरबट्टू राखी की खूब मांग है। ये राखियां 10 से 50 रुपए में मिल रही हैं। व्यापारियों का कहना है कि भले ही लागत बढ़ने से राखियां महंगी हों, लेकिन कारोबार पिछले साल की तुलना में 20 से 25 फीसदी बढ़ सकता है। हालांकि इस इस साल राखी निर्माताओं पर बढ़ती लागत का भी बोझ पड़ा है। मोती, धागे, मनके से लेकर पैकेजिंग मैटेरियल तक के दाम काफी बढ़ गए हैं।

चीन से आता है कच्चा माल
देश में कुल कारोबार में 50 से 60 फीसदी हिस्सा बंगाल का है। इसके बाद राजस्थान, गुजरात, मुंबई, दिल्ली में बड़े पैमाने पर राखियां बनती हैं। चीन से राखी में लगने वाला सामान जैसे फैंसी पार्ट, पन्नी, फोम, सजावटी सामान, स्टोन आदि वहीं से आता हैं।