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गोविंददेवजी को अर्पित होगी कलाबूत की राखी, गलता में देर से शयन करेंगे ठाकुर श्रीरामचन्द्रजी

Raksha Bandhan Festival 2023: श्रावण पूर्णिमा पर आज दिनभर भद्रा का साया रहने से शहर के आराध्य गोविंददेवजी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में 31 अगस्त को रक्षा बंधन पर्व मनाया जाएगा। गलता तीर्थ में ठाकुरजी आज देरी से शयन करेंगे, शयन से पहले ठाकुरजी को राखी बांधी जाएगी।

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गोविंददेवजी को अर्पित होगी कलाबूत की राखी, गलता में देर से शयन करेंगे ठाकुर श्रीरामचन्द्रजी

गोविंददेवजी को अर्पित होगी कलाबूत की राखी, गलता में देर से शयन करेंगे ठाकुर श्रीरामचन्द्रजी

जयपुर। श्रावण पूर्णिमा पर आज दिनभर भद्रा का साया रहने से शहर के आराध्य गोविंददेवजी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में 31 अगस्त को रक्षा बंधन पर्व मनाया जाएगा। 30 अगस्त को रात 9 बजे तक मंदिरों में शयन आरती हो जाएगी, ऐसे में ठाकुरजी को दूसरे दिन सुबह ही राखी बांधी जा सकेगी। वहीं गलता तीर्थ में ठाकुरजी आज देरी से शयन करेंगे, शयन से पहले ठाकुरजी को राखी बांधी जाएगी।

गोविंददेवजी मंदिर में शृंगार झांकी में ठाकुरजी को राखी बांधी जाएगी। इस बीच सुबह 9 बजकर 30 मिनट से सुबह 10 बजकर 15 मिनट तक ठाकुर श्रीजी के राखी धारण दर्शन होंगे। गोविंददेवजी की कलाई पर फूलों और रेशम की राखी बंधेगी। ठाकुरजी को मोगरे की कली से बनी राखी धारण कराई जाएगी। इसके बाद रेशम की डोर और कलाबूत की राखी विशेष रूप से धारण कराई जाएगी। राधारानी, महाप्रभुजी, सालिगरामजी और दोनों सखियों को भी राखियां धारण कराई जाएगी। रक्षाबंधन पर ठाकुरजी को विशेष धवल पोशाक और विशिष्ट आभूषण धारण कराए जाएंगे।

श्रीरामचन्द्रजी के विग्रहों को बंधेंगी राखी
गलता पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशाचार्य के सान्निध्य में गलता पीठ में श्रावण पूर्णिमा पर बुधवार को ही रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा है। युवाचार्य राघवेन्द्र ने बताया कि भद्राकाल समाप्त होने के पश्चात भगवान को रक्षाबंधन कर शयन किया जाएगा, जो रात्रि में 9 बजे के बाद होगा। गलता तीर्थ में विराजित ठाकुरजी को देरी से शयन कराया जाएगा, इससे पहले रक्षाबंधन पर्व मनाया जाएगा। ठाकुर श्रीरामचन्द्रजी के विग्रहों को राखी बांधी जाएगी। उन्होंने बताया इसके अलगे दिन भी श्रद्धालु सुबह 4 बजे से सूर्योदय तक ठाकुरजी के राखी बांध सकेंगे।

भद्राकाल को छोड़कर रक्षाबंधन सही
गलता पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशाचार्य ने बताया कि रक्षाबंधन का पर्व श्रावण पूर्णिमा को मनाया जाता है। धर्म सिंधु व निर्णय सिंधु के अनुसार पूर्णिमा जब मध्यान्ह व्यापिनी होती है, उसी दिन रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाता है। इसके अतिरिक्त अगर भद्रा काल है तो भद्राकाल को छोड़कर जो भी मुहूर्त होते हैं, उस समय में रक्षाबंधन किया जाता है।

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यहां दो दिन राखी
पानों का दरीबा स्थित सरस निकुंज में ठाकुरजी को गुरुवार को राखी धारण करवाई जाएगी। सरस निकुंज प्रवक्ता प्रवीण बड़े भैया ने बताया कि सरस निकुंज में 31 अगस्त को ही रक्षाबंधन पर्व मनाया जाएगा। वहीं शहर के अन्य मंदिरों में दो दिन रक्षाबंधन पर्व मनाया जा रहा है।