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देर रात तक बांधी राखी, सुबह भी मनाया रक्षाबंधन, गोविंददेवजी के बांधी कलाबूत की राखी

Raksha Bandhan 2023: श्रावण पूर्णिमा पर दिनभर भद्रा रहने से शहर में देर रात तक रक्षाबंधन का पर्व मनाया गया। कुछ घरों में आज सुबह से भी राखी बांधने का दौर शुरू हुआ। ऐसे में इस बार रक्षाबंधन का त्योहार दो दिन मनाया।

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देर रात तक बांधी राखी, सुबह भी मनाया रक्षाबंधन, गोविंददेवजी के बांधी कलाबूत की राखी

देर रात तक बांधी राखी, सुबह भी मनाया रक्षाबंधन, गोविंददेवजी के बांधी कलाबूत की राखी

जयपुर। श्रावण पूर्णिमा पर दिनभर भद्रा रहने से शहर में देर रात तक रक्षाबंधन का पर्व मनाया गया। कुछ घरों में आज सुबह से भी राखी बांधने का दौर शुरू हुआ। ऐसे में इस बार रक्षाबंधन का त्योहार दो दिन मनाया। शहर के आराध्य गोविंददेवजी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में आज रक्षा बंधन पर्व मनाया जा रहा है। गोविंददेवजी को कलाबूत की राखी धारण करवाई गई। वहीं सरस निकुंज सहित अन्य मंदिरों में भी ठाकुरजी को राखी धारण करवाई गई।

गोविंददेवजी मंदिर में शृंगार झांकी में ठाकुरजी की कलाई पर तीन राखी बांधी गई। फूलों और रेशम से बनी राखी गोविंददेवजी के कलाई पर धारण करवाई गई, इसमें मोगरे की कली से बनी राखी के साथ रेशम की डोर और कलाबूत की राखी धारण कराई गई। राधारानी, महाप्रभुजी, सालिगरामजी और दोनों सखियों को भी राखियां धारण कराई गई। इससेे पहले सुबह ठाकुरजी का अभिषेक कर धवल पोशाक धारण करवाई गई। विशिष्ट आभूषण से शृंगार किया गया।

गलता में रात को मनाया पर्व
गलता पीठ में श्रावण पूर्णिमा पर बुधवार को ही रक्षाबंधन का त्योहार मनाना गया। भद्रा समाप्त होने के बाद ठाकुरजी श्रीरामचन्द्रजी के विग्रहों को राखी बांधी गई। कुछ श्रद्धालुओं ने सुबह भी ठाकुरजी को राखी अर्पित की।

यहां आज रक्षाबंधन
पानों का दरीबा स्थित सरस निकुंज में ठाकुरजी को सुबह राखी धारण करवाई गई। सरस निकुंज प्रवक्ता प्रवीण बड़े भैया ने बताया कि ठाकुर श्रीराधा सरस बिहारी जू सरकार केा मोगरे से बनी राधी धारण करवाई गई। इसके बाद रेशन से तैयार राखी बांधी गई। इस दौरान राखी के पदों का गायन किया गया।