आमेर रोड स्थित आईसीए गैलेरी में शनिवार को पद्मश्री रामगोपाल विजयवर्गीय की एकल प्रदर्शनी का आगाज हुआ। प्रदर्शनी में उनकी ४३ पेंटिंग्स प्रदर्शित की जा रही हैं। राजस्थान के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी कलाकार की निधन के बाद उनके बनाए गए ४३ चित्र एक साथ देखने को मिलेंगे।
उन्होंने अपने जीवन में कई ग्रंथों पर चित्र बनाए हैं जैसे गीत गोविन्द, रामायण लेकिन उनका सबसे चर्चित विषय रहा मेघदूत मेघदूत कालिदास रचित एक दूतकाव्य है जिसमें पक्ष और पक्षिणी की प्रेम कहानी है जो मेघों को दूत बना कर अपना संदेश भेजा करते थे, विजयवर्गीय के चित्रों ने इन पात्रों को जीवंत कर दिया और इनकी सुंदरता देखते ही बनती है। इस प्रदर्शनी का शीर्षक भी इसलिए मेघदूत किद गया गया। गैलेरी निदेशक वीजेंद्र बंसल ने बताया कि प्रदर्शनी को लगाने मेंउन्हें विजयवर्गीय के भतीजे शंकर विजयवर्गीय ने सहयोग प्रदान किया। प्रदर्शनी ७ अक्टूबर तक चलेगी। अब वह जल्द ही उन पर किताब भी प्रकाशित करवाने जा रहे हैं। प्रदर्शनी का उद्घाटन संस्कृत अकादमी के अध्यक्ष डॉ. सरोज कोचर, नवरतन सर्राफ, सुधीर कासलीवाल,सांती चौधरी, पद्मश्री शाकिर अली,विध्यासागर उपाध्याय और विनय शर्मा भी मौजूद थे।