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Ram Jethmalani का निधन, राजस्थान से रहे राज्य सभा सांसद, हाई प्रोफ़ाइल केस लड़ने से बनी थी पहचान

Ram Jethmalani का निधन, राजस्थान से रहे राज्य सभा सांसद, हाई प्रोफ़ाइल केस लड़ने से बनी थी पहचान

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ram jethmalani

जयपुर।
वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी ( Veteran Lawyer Ram Jethmalani ) का लम्बी बिमारी के बाद निधन हो गया। वे 95 वर्ष के थे। लम्बी बिमारी के बाद उनका निधन हो गया। जेठमलानी राजस्थान से राज्य सभा सांसद भी रहे हैं। उच्च प्रोफाइल से सम्बन्धित मामलों के मुकदमे की पैरवी करने के कारण राम जेठमलानी विवादास्पद रहे और उसके लिए उन्हें कई बार कड़ी आलोचना का सामना भी करना पड़ा। उनके नाम की गिनती उच्चतम न्यायालय के सबसे महँगे वकीलों में की जाती है। फिर भी उन्होंने कई मामलों में नि:शुल्क पैरवी भी की है।


14 सितम्बर 1923 को सिंध, ब्रिटिश भारत के शिकारपुर शहर में जन्मे जेठमलानी देश के सबसे वरिष्ठ अधिवक्ताओं में से एक हैं। अधिवक्ता होते हुए उन्होंने राजनीति में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


जेठमलानी 6ठी व 7वीं लोक सभा में वे भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर मुंबई से दो बार चुनाव जीते। बाद में अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार में केन्द्रीय कानून मन्त्री व शहरी विकास मन्त्री रहे। किसी विवादास्पद बयान के चलते उन्हें जब भाजपा से निकाल दिया तो उन्होंने वाजपेयी के ही खिलाफ लखनऊ लोकसभा सीट से 2004 का चुनाव लड़ा लेकिन हार गए।


7 मई 2010 को उन्हें सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन का अध्यक्ष चुना गया। 2010 में उन्हें फिर से भाजपा ने पार्टी में शामिल कर लिया और राजस्थान से राज्य सभा का सांसद बनाया।

संक्षिप्त परिचय
- राम जेठमलानी का जन्म 14 सितम्बर 1923 को ब्रिटिश भारत के शिकारपुर शहर में जो आजकल पाकिस्तान के सिन्ध प्रान्त में है, भूलचन्द गुरुमुखदास जेठमलानी व उनकी पत्नी पार्वती भूलचन्द के यहाँ हुआ था।

- सिन्धी प्रथानुसार पुत्र के साथ पिता का नाम भी आता है अत: उनका पूरा नाम रामभूलचन्द जेठमलानी था लेकिन क्योंकि उनके बचपन का नाम राम था अत: आगे चलकर वे राम जेठमलानी के नाम से ही मशहूर हो गए।

- स्कूली शिक्षा के दौरान दो-दो क्लास एक साल में पास करने के कारण उन्होंने 13 साल की उम्र में मैट्रिक का इम्तिहान पास कर लिया और 17 साल की उम्र में ही एलएलबी की डिग्री हासिल कर ली थी।

- वकालत की प्रैक्टिस करने के लिए 21 साल की उम्र जरूरी थी मगर जेठमलानी के लिए एक विशेष प्रस्ताव पास करके 18 साल की उम्र में प्रैक्टिस करने की इजाजत दी गई। बाद में उन्होंने एससी साहनी लॉ कॉलेज कराची एलएलएम की डिग्री प्राप्त की।

- 18 साल से कुछ ही अधिक उम्र में उनकी शादी पारम्परिक हिन्दू पद्धति से दुर्गा नाम की एक कन्या से कर दी गई।

- 1947 में भारत-पाकिस्तान के बँटवारे से कुछ ही समय पूर्व उन्होंने रत्ना साहनी नाम की एक महिला वकील से दूसरा विवाह कर लिया।

- जेठमलानी के परिवार में उनकी दोनों पत्नियों से कुल चार बच्चे हैं-रानी, शोभा और महेश, तीन दुर्गा से तथा एक जनक, रत्ना से।