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राम जन्मभूमि पर फैसले की तारीख तय करने वाली भाजपा कौन-सिंघवी

जल्द फैसले के पक्ष में कांग्रेस, विपक्ष के राष्ट्रीय गठबंधन से घबराई भाजपा, फैला रही अफवाह, पत्रिका से विशेष बातचीत
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abhishek

जयपुर. राज्य सभा सदस्य और कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने राम जन्म भूमि विवाद पर कांग्रेस का पक्ष रखते हुए कहा कि पार्टी चाहती है कि इस पर फैसला जल्द आए, लेकिन फैसले की तारीख तय करने वाली भाजपा कौन होती है। इसी तरह कांग्रेस कभी भी ट्रिपल तलाक और हलाला के पक्ष में नहीं रही है। व
हीं आगामी चुनावों में राष्ट्रीय गठबंधन के चलते भाजपा घबराई हुई है और असल मुद्दों से भटक कर अफवाह फैला रही है। भाजपा चुनाव के समय बंटवारे और वैमनस्य की राजनीति करती है। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शगुफे छोड़ते रहते हैं, लेकिन असलियत में वे खोखले होते हैं। सिंघवी ने यह बातें पत्रिका से विशेष साक्षात्कार में कहीं। प्रस्तुत है साक्षात्कार के कुछ प्रमुख अंश---


सवाल-राम मंदिर और इसकी जन्मभूमि को लेकर कांग्रेस का क्या स्टेंड है?

सिंघवी-कांग्रेस का आज का बहुत पहले से स्पष्ट स्टेंड है कि इस मामले का जल्द निर्णय हो। अदालत के हर तरह के निर्णय के आगे पार्टी नतमस्तक है। लेकिन आज आप और हम कौन है बोलने वाले कि कल इसका निर्णय हो जाएगा। सब जानते हैं कि चुनाव आ रहे हैं, इसलिए भाजपा के नेता फैसले की तारीख तय करने के शगुफे छोड़ रहे हैं। क्या वो फैसला करेंगे, अदालत ने सितम्बर की तारीख तय नहीं की है। राजनीतिक फायदे के लिए भाजपा बार-बार इस तरह के प्रयास करेगी। नवम्बर के बाद यह और बढ़ेंगे।

सवाल-हिन्दूत्व को लेकर कांग्रेस पर आरोप लगते रहे हैं और राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी का मंदिर जाना भी मुद्दा बनता रहा है। कांग्रेस हिन्दूत्व को लेकर स्पष्ट मत नहीं दे पाती है, ऐसा क्यों?

सिंघवी-मेरा पसंदीदा रंग भगवा है, क्या इसका लाइसेंस सिर्फ भाजपा के पास ही है। इसी तरह मंदिर जाने का अधिकार भाजपा के पास है। राहुल गांधी सैकड़ों मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारे समेत अन्य धार्मिक स्थलों पर गए। हमारे हिन्दूत्व और भाजपा के हिन्दूत्व में यही फर्क है। हम जोडऩे की बात करते हैं और भाजपा में बंटवारा, विद्वेष फैलाने की बात होती है। खास तौर पर चुनाव से पहले ही इस तरह की बातें की जाती है।

सवाल-कांग्रेस को प्रधानमंत्री ने मुस्लिम पुरुषों की पार्टी बताया, क्या यह सही है?

सिंघवी-कांग्रेस को एक समुदाय की पार्टी बताना यह ओछी राजनीति है। यह उनकी सोच और मानसिकता को दर्शाता है। चुनाव के समय जानबूझ कर दुराव और विभाजनकारी बाते की जाती है। भाजपा झूठी बातें फैलाती रहती है, कांग्रेस ने कभी भी तीन तलाक और हलाला का समर्थन नहीं किया।

सवाल-चुनावों में गठबंधन से कांग्रेस की क्या स्थिति होगी?

सिंघवी-आगामी चुनावों के लिए राष्ट्रीय गठबंधन की तैयारी से भाजपा घबराई हुई और प्रधानमंत्री कौन होगा जैसी अफवाह फैला रही है। यह सही है कि गठबंधन से कुछ चिकचिक होगी और अहम टकराएगा। इसके बावजूद राजस्थान, मध्यप्रदेश जैसे राज्यों में कांग्रेस अच्छी स्थिति में है, वहां कांग्रेस को अधिक सीटें मिलेंगी। जबकि जहां क्षेत्रीय दल मजबूत है, वहां उनको अधिक मिलेंगी। गठबंधन की ताली दोनों हाथ से बजती है।

सवाल-सोशल मीडिया का दुरुपयोग बढ़ रहा है। इसका किस तरह नियंत्रण होना चाहिए?

सिंघवी-जिस तरह का माहौल आप पैदा करते हो, वैसे ही परिणाम आते हैं। 2014 से पहले तो मॉब लीचिंग जैसी घटनाएं नहीं होती थी। अब क्यों हो रही है। भाजपा ने ऐसा माहौल पैदा कर दिया और अब वो नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। उपदेश देने से कुछ नहीं होता है।

सवाल-एक देश एक चुाव पर कांग्रेस का नजरिया?

सिंघवी-प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जुमले छोडऩे में माहिर है। यह बड़े आकर्षक भी होते हैं, लेकिन जब इनकी हकीकत जानते हैं या फिर इनका विशलेषण करते हैं तो इसकी सच्चाई पता चलती है कि यह तो खोखला है। सब चाहते हैं एक साथ सभी चुनाव हो, लेकिन यह संभव नहीं है। इसलिए एक देश एक चुनाव का नारा भी खोखला ही है।