जयपुर। सर्वार्थ सिद्धि व अमृत सिद्धि योग के बीच आज अलसुबह से ही रामजन्मोत्सव का उल्लास छाया नजर आया। कुल की परंपरानुसार जहां घर—घर नवमीं पूजन हुआ, कन्याओं केा भोजन कराया गया। वहीं शहर के श्रीराम मंदिरों में श्रीरामजी की जन्म की खुशियां बिखरी। राम मंदिरों में दोपहर में भगवान राम लला का जन्माभिषेक हुआ, जिसमें ‘भए प्रकट कृपाला दीनदयाला… के साथ राम जन्मोत्सव का शंखनाद हुआ। हवाई गर्जना के बीच खुशियां मनाई गई। मंदिरों में दिनभर विशेष झांकी के दर्शन हो रहे है।
21 तोपों की गर्जनाओं के बीच मनाया जन्मोत्सव
उत्तर भारत की प्रमुख श्रीवैष्णव पीठ गलताजी में स्वामी अवधेशाचार्य के सान्निध्य में रामनवमी महोत्सव मनाया गया। सुबह 500 वर्ष से भी अधिक प्राचीन श्री रामलला के चतुर्भुज विग्रह की श्री गलता पीठ से श्रीनिवास के बालाजी तक बैंड–बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली गई। श्री निवास के बालाजी में गलतापीठाधीश्वर की ओर से आरती की गई। इसके बाद शोभायात्रा पुनः श्री गलता पीठ पहुंची। श्री गलता पीठ के युवराज स्वामी राघवेन्द्र ने बताया कि दोपहर 12 बजे भगवान श्री राम का 21 तोपों की गर्जनाओं के साथ जन्म हुआ। इसके बाद गलतापीठाधीश्वर स्वामी अवधेशाचार्य ने भगवान श्री राम के अतिप्राचीन एवं दिव्य विग्रहों का विद्वानों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ फलों के रसों, पंचामृत, सर्व औषधि, पंचमेवों, समस्त द्रव्यों, सहस्रधारा, शंख-चक्र आदि से तिरुमंजन अभिषेक किया गया। इसके बाद भगवान का आकर्षक शृंगार किया गया। सामूहिक महाआरती की गई। इस दौरान भजन बधाईयां गाई गईं।
रामजी को धारण करवाए रजवाड़ी आभूषण
चांदपोल बाजार के मंदिरश्री रामचन्द्रजी में जन्मोत्सव का मुख्य आयोजन हुआ। सुबह मंगला से विशेष पूजा अर्चना शुरू हुई। सुबह 11 बजे ठाकुर जी महाराज का पंचामृत अभिषेक किया गया,जिसमें 500 किलो दूध में इत्र, गुलाब, केशर, केवड़ा मिलाकर अभिषेक किया गया। इसके बाद विशेष श्रृंगार कर राम दरबार को रत्न जडि़त जरदोजी लगी पोशाक पोशाक धारण करवाई गई। भगवान श्रीराम के साथ सीताजी व लक्ष्मणजी को हीरे, मोती, पन्ना, माणक, नीलम, सोना-चांदी के विशेष रजवाड़ी आभूषण धारण कराए गए। दोपहर में आरती के बाद पंजीरी और पंचामृत वितरण किया गया।
सियारामजी की हुई महाआरती
श्री खोले के हनुमान मंदिर में रामनवमी पर्व पर सुबह राम जन्मोत्सव का उल्लास नजर आया। सुबह श्रीरामजी का विभिन्न तीर्थों से लाये गये जल से स्नान व 108 औषधियों व पंचामृत से अभिषेक कर षोडशोपचार पूजन किया गया। इसके बाद फूल बंगले की झांकी सजायी गई। श्री नरवर आश्रम सेवा समिति के महामंत्री बृजमोहन शर्मा ने बताया कि सियारामजी की दोपहर महाआरती की गई।