
जयपुर. एलपीजी सिलेंडर की किल्लत ने शादियों का जायका बदल दिया है। गरमागरम टिकिया, डोसा, मटर-कुलचे और चाउमिन जैसे चाट आइटम मेन्यू से गायब हो रहे हैं। सिलेंडर नहीं मिलने से घर-घर में शादी के मेन्यू पर करीब 40 फीसदी तक कटौती करनी पड़ रही है।
खासकर रामनवमी के अबूझ सावे पर होने वाली शादियों के लिए सिलेंडर की व्यवस्था न होने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। हाल यह है कि शादी का कार्ड लेकर गैस एजेंसियों के चक्कर लगाने के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहे। नतीजतन, जहां पहले 5-6 सब्जियां और कई तरह के नाश्ते होते थे, वहीं अब 2-3 सब्जियों में ही काम चलाना पड़ रहा है। गरम चाट की जगह दही पपड़ी, पान पत्ता और जूस को बढ़ावा दिया जा रहा है। कुछ परिवार दाल-बाटी-चूरमा की रसोई तैयार करवा रहे हैं।
सबसे ज्यादा परेशानी उन घरों में है, जहां बेटी की शादी है। परंपरागत व्यंजनों के बजाय सीमित संसाधनों में जैसे-तैसे व्यवस्था करनी पड़ रही है। महिला संगीत और भात जैसे आयोजनों में भी भोजन के मेन्यू पर असर साफ नजर आ रहा है। उधर, रामनवमी के अबूझ सावे पर जैसे-तैसे काम कर रहे कैटर्स ने अप्रेल के सावों के लिए फिलहाल बुकिंग रोक दी है।
सिलेंडर नहीं मिलने से कोयला और लकड़ी की मांग बढ़ गई है। इससे इनके दाम भी बढ़ गए हैं। शादी वाले घरों में परिजन को मुंह मांगे दाम चुकाने पड़ रहे हैं। कुछ मैरिज गार्डन में लकड़ी के साथ डीजल की भट्टी भी तैयार कर ली गई है।
ठंडे व्यंजन बढ़ाए
रामनवमी पर बहन की शादी है, लेकिन सिलेंडर की व्यवस्था नहीं होने से भोजन के मेन्यू में बदलाव किया है। गर्म चाट में कटौती कर ठंडे व्यंजन बढ़ाए हैं। सब्जियों में कटौती करनी पड़ी है।
- नवीन कुमावत, सिविल लाइंस
रामनवमी के अबूझ सावे के लिए सरकार को शादी का कार्ड देखकर सिलेंडर उपलब्ध करवाने चाहिए, जिससे परिजन को परेशानी नहीं हो।
- भवानी शंकर माली, ऑल वेडिंग इंडस्ट्रीज फेडरेशन, राजस्थान
Updated on:
24 Mar 2026 12:13 pm
Published on:
24 Mar 2026 12:13 pm
