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कल से दस दिन कलाकार करेंगे राम लीलाओं का मंचन, तैयारियाें को अंतिम रूप देने में जुटी कमेटियां

भारतीय संस्कृति की आत्मा कहा जाने वाला रामलीला उत्सव रविवार से शुरू हो रहा है। इसके साथ ही शहर में जगह-जगह राम लीलाओं का मंचन शुरू हो जाएगा।

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जयपुर. भारतीय संस्कृति की आत्मा कहा जाने वाला रामलीला उत्सव रविवार से शुरू हो रहा है। इसके साथ ही शहर में जगह-जगह राम लीलाओं का मंचन शुरू हो जाएगा। रामलीला को लेकर लोगों में काफी उत्साह नजर आ रहा है। वहीं रामलीला कमेटियां रामलीला मंचन की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हुई हैं। शहर में जवाहर नगर और आदर्श नगर में 10 दिनों तक रामलीला का मंचन होगा। 25 अक्टूबर को विजय दशमी पर रावण दहन होगा।

इस बार 47 वां रामलीला महोत्सव
जवाहर नगर समिति की ओर से जवाहर नगर सेक्टर 5 स्थित शिव मंदिर के रामलीला मैदान में किया जाएगा। रामलीला को लेकर तैयारियां लगभग पूरी हो गई है। रामलीला आयोजन समिति के संयोजक गोपाल कृष्ण बजाज ने बताया कि रामलीला आयोजन पिछले 46 वर्ष से किया जा रहा है। इस वर्ष भी राम लीला का मंचन मथुरा के श्री ब्रजचंद्र रामलीला कृष्णलीला मंडल के कलाकार करेंगे। समिति के महासचिव गोपी कृष्ण ने बताया कि प्रतिदिन शाम 7:30 बजे से होने वाली रामलीला में पहले दिन रविवार को गणेश वंदना, नारद मोह और रावण जन्म प्रसंग का मंचन होगा। वहीं व्यास गद्दी से प. पवन कुमार चौपाइयों का गायन करेंगे। रामलीला तहत 24 अक्टूबर को दशहरा महोत्सव मनाया जाएगा। इस दिन शाम को रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। 25 अक्टूबर को श्रीराम राज्याभिषेक होगा। इसके बाद कृष्ण लीला का मंचन होगा।

50 कलाकार करेंगे लीला को साकार
श्रीराम मंदिर प्रन्यास श्री सनातन धर्मसभा के तत्वावधान में आदर्श नगर स्थित श्रीराम मंदिर परिसर में सुरभि कला केंद्र कोटा के कलाकार 10वीं बार रामलीला का मंचन करेंगे। पात्र संवादों में रामचरित मानस, केशव चन्द्रिका, राधेश्याम रामायण एवं रामायण दर्पण आदि का समावेश करते हुए हिन्दी, संस्कृत, भोजपुरी अवधि व मैथिली भाषा का प्रयोग करेंगे। संस्था के निदेशक श्रीनाथ गौतम ने बताया कि इस बार 50 कलाकार रामलीला में अलग-अलग भूमिकाएं निभाएंगे। रामचरित मानस का गायन कथा वाचक पं. रमेश अंगीरस करेंगे। इस बार लाइट एवं साउंड सिस्टम के जरिए दशरथ मरण एवं गंगा अवतरण की लीलाओं का मंचन होगा जो आकर्षण का केंद्र रहेंगी।