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Rang Malhar 2020 : कैरी बैग पर खिलेगी रंगों की खूबसूरती

राजस्थान के कलाकारों की पहल का 11वां संस्करण 5 जुलाई को, इस बार घर में रहकर ही कैरीबैग पर कलाकार कलाकृति बनाएंगे।

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Rang  Malhar 2020 : कैरीबैग पर खिलेगी  रंगों की खूबसूरती

Rang Malhar 2020 : कैरीबैग पर खिलेगी रंगों की खूबसूरती

सुरेंद्र बगवाड़ा, जयपुर

राजस्थान के कलाकार यूं तो हमेशा ही कैनवास पर रंगों से कल्पनाओं की खूबसूरती को बयां करते है। लेकिन पिछले 10 साल से लगातार अच्छी बारिश, समृद्धि, शांति और मानव जाति की खुशी के लिए जुलाई में रंग—मल्हार ( Rang malhar ) उत्सव का आयोजन कर रहे है। हर साल कैनवास रूपी अलग—अलग विषय वस्तु लेकर उस पर कई कलाकृतियां बनाते है। फिर उन्हें शहर के बीच ले जाकर प्रदर्शित करते है। इस बार कोरोना के कहर ( Corona Virus in Jaipur ) के बीच में भी रंग—मल्हार होगा, लेकिन सावधानी के साथ। अबकी बार कलाकार अपने—अपने घरों में बैठकर ही काम करेंगे।

इस बार की विषय वस्तु कैरी बैग (हाथ का थैला) ( carry bags ) है। उल्लेखनीय है कि वरिष्ठ कलाकार विद्यासागर उपाध्याय ( Vidhyasagar Upadyay ) की संकल्पना में साल 2010 से शुरू इस अनूठे उत्सव ने इंटरनेशनल लेवल पर पहचान बनाई है।

विदेशी कलाकार भी होंगे शामिल

इस बार रंग—मल्हार वर्चुअल होने से हर कलाकार जुड़ सकेगा। चाहे वह भारत में रहता है या फिर विदेश में। आयोजन सदस्य विनय शर्मा ने बताया कि प्रदेश के साथ—साथ विभिन्न राज्यों और विदेशी कलाकारों ने शामिल होने की सहमति दी है। इससे यह उत्सव इंटरनेशनल स्तर का हो गया है। रंग-मल्हार की कमेटी विद्यासागर उपाध्याय, मीनू श्रीवास्तव, विनय शर्मा, मनीष शर्मा और गौरीशंकर सोनी ने बहुत से देशों के विदेशी कलाकारों को साथ जोड़ा है

रंग मल्हार के 10 साल
2010 - छातें
2011 - हैट ( टोपी )
2012 - मास्क
2013 - फिरकियां
2014 - कार
2015 - ग्लोब
2016 - हेलमेट
2017 - साइकिल
2018 - लालटेन
2019 - बीजणी
इस बार— कैरीबैग

जयपुर से बाहर भी छाया रंग उत्सव

रंग मल्हार के लिए राजधानी में ही कलाकार पहुंचते है। वहीं पिछले वर्ष तो जयपुर से बाहर बीकानेर, उदयपुर, भीलवाड़ा, जोधपुर, नाथद्वारा, अजमेर, किशनगढ, जैसलमेर, सिरोही, लालसोट, परतापुर (बांसवाड़ा), बूंदी, श्रीगंगानगर, कोटा, टोंक में भी कलाकारों के समूहों ने स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम किए थे।

बैग से मैसेज देने की पहल

वरिष्ठ कलाकार विद्यासागर उपाध्याय ने बताया कि अब समय आ गया है कि पॉलिथीन पूरी तरह से बंद की जाए। अब हाथ का थैला इस्तेमाल कर पर्यावरण को बचाया जाए। इस उत्सव के जरिए कलाकारों जनता को जागरूक करेंगें। प्राकृतिक संसाधनों से बने कैरी बैग इको फ्रेंडली तो होते ही हैं। साथ ही आपकी व्यक्तिगत पहचान भी दर्शाते हैं।