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Rang Rajasthan- ‘नेक चोर’ में उलझा चोर तो ‘अग्निपरीक्षा’ में नारी की पीड़ा दर्शाई

जयपुर। कला एवं संस्कृति विभाग और जवाहर लाल नेहरू बाल साहित्य अकादमी के सहयोग से और रंग मस्ताने संस्था की ओर से आयोजित किए जा रहे दस दिवसीय 'रंग राजस्थान 'के आठवें संस्करण का आज पांचवां दिन था।

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Feb 23, 2023


जयपुर। कला एवं संस्कृति विभाग और जवाहर लाल नेहरू बाल साहित्य अकादमी के सहयोग से और रंग मस्ताने संस्था की ओर से आयोजित किए जा रहे दस दिवसीय ‘रंग राजस्थान ‘के आठवें संस्करण का आज पांचवां दिन था। अब तक महोत्सव में वॉक थिएटर, स्कूलों में का मंचन हुआ है। गुरुवार को पांचवें दिन ‘स्कूल आउट रीच प्रोग्राम ‘रंग बचपन’ के तहत राजश्री कन्या स्कूल के लगभग 50 बच्चों के सामने जवाहर कला केंद्र की अलंकार कला दीर्घा में बच्चों को कहानियां सुनने का मौका मिला। रंगमस्ताने के कलाकार श्वेता और सुधांशु ने उन्हें कहानियां सुनाईं।
इसके बाद दोपहर में अलंकार में ही ‘रंग चौपाल’ का आयोजन हुआ, जिसमें शिक्षा में रंगमंच विषय पर प्रसिद्ध रंगकर्मी वाल्टर पीटर और जयपुर के रंगकर्मी अभिषेक गोस्वामी ने चर्चा की। वाल्टर पीटर ने थिएटर इन एजुकेशन के बारे में बात की। उनका कहना था कि थियेटर बच्चों को सिखाने का बेहतरीन माध्यम है, वहीं अभिषेक गोस्वामी का कहना था कि कुछ आज कई अभिनेता बच्चों के लिए नाटक तैयार कर रहे हैं जिनके जरिए बच्चों का ना केवल मनोरंजन हो रहा है बल्कि उन्हें कुछ ना कुछ सीखने को भी मिल रहा है।
‘नेक चोर’ में ट्विस्ट एंड टर्न
रंग राजस्थान के तहत गुरुवार को अपराह्न 4 बजे जवाहर कला केंद्र के कृष्णायन सभागार में नाटक ‘नेक चोर’ का मंचन हुआ। नाटक का निर्देशन विजय, कमलेश और कल्पना ने किया। नाटक की कहानी एक ऐसे चोर के इर्दगिर्द घूमती है जो उस घर में ही फंस जाता है जिसमें वह चोरी करने की योजना बनाता है। इस दौरान मकान मालिक अपनी गर्ल फ्रेंड के साथ आ जाता है और अंत में उसकी पत्नी भी आ जाती है। इन सबके दौरान घर में क्या घटनाक्रम पैदा होते हैं और कहानी किस प्रकार ट्विस्ट और टर्न के साथ अपने निष्कर्ष पर पहुंचती है का मंचन किया गया।
‘अग्निपरीक्षा’ में स्त्री की पीड़ा
वहीं शाम सात बजे जेकेके के रंगायन सभागार में ‘अग्निपरीक्षा’ नाटक का मंचन किया गया। नाटक का निर्देशन जयपुर के रंगकर्मी दिलीप भट्ट ने किया। नारी उत्पीडऩ के ज्वलंत प्रमाण को चरितार्थ करता हुआ यह नाटक कलाकारों की अग्निपरीक्षा में खरा उतरा। नाटक का संचालन करते हुए यह भी बताया कि जयपुर की तमाशा शैली 250 वर्ष पूर्व की शैली है, जिसे भट्ट परिवार ने आज भी अपनी पहचान को बनाए हुए है। नाटक में नारी की पीड़ा को दर्शाया गया। कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय से सीता की अग्नि परीक्षा, सती का आत्मदाह और पद्मिनी के जौहर को प्रस्तुत कर दर्शकों को बांधे रखा।
शुक्रवार के रंग राजस्थान के तहत जेकेके में सुबह 10 बजे एनएसडी के पूर्व छात्र रहे वाल्टर पीटर की मास्टर क्लास होगी। अपराह्न चार बजे सुनीता तिवारी निर्देशित पीले स्कूटर वाला आदमी और शाम सात बजे अभिषेक गोस्वामी निर्देशित नाटक जिन लाहौर नई वेख्या ओ जन्म नई नाटक का मंचन किया जाएगा।