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रणथम्भौर से आया खुशियों का संदेश, बाघिन सुल्ताना ने दिया शावक को जन्म

बाघिन टी-107 सुल्ताना ने शावक को जन्म दिया है। आरओपीटी रेंज के नाका शेरपुर के काली तलाई के पास बाघिन टी-107 एक शावक के साथ कैमरे में कैद हुई है। वनाधिकारियों की ओर से बाघिन के एक से ज्यादा शावकों को जन्म देने की संभावना जताई जा रही है।

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रणथम्भौर से आया खुशियों का संदेश, बाघिन सुल्ताना ने दिया शावक को जन्म

रणथम्भौर से आया खुशियों का संदेश, बाघिन सुल्ताना ने दिया शावक को जन्म

जयपुर। सवाईमाधोपुर जिले के रणथम्भौर बाघ परियोजना (Ranthambore Tiger Project) से एक बार फिर खुशखबरी आई है। बाघिन टी-107 सुल्ताना (Tigress T-107 Sultana) ने शावक को जन्म दिया है। आरओपीटी रेंज के नाका शेरपुर के काली तलाई के पास बाघिन टी-107 एक शावक के साथ कैमरे में कैद हुई है। वनाधिकारियों की ओर से बाघिन के एक से ज्यादा शावकों को जन्म देने की संभावना जताई जा रही है। बाघिन टी-107 बाघिन टी-39 की बेटी है। जिसकी उम्र करीब सात साल है। उसने तीसरी बार शावक को जन्म दिया है। फिलहाल वनाधिकारियों ने फील्ड स्टाफ को सुरक्षा, मॉनिटरिंग व ट्रैकिंग के निर्देश दिए हैं।

उल्लेखनीय है कि रणथम्भौर में जुलाई में बाघिन टी-84 एरोहेड ने शावकों को जन्म दिया था। जिसके बाघिन सुल्ताना ने शावक को जन्म दिया है। फिलहाल रणथम्भौर में 77 बाघ-बाघिन और शावक हैं। बाघिन सुल्ताना रणथम्भौर की काफी चर्चित बाघिन है। यह रणथम्भौर की सबसे एग्रेसिव बाघिनों में से एक है। यह बाघिन पहले जिप्सी पर चार्ज भी कर चुकी है। इसी के साथ ही बाघिन के कुत्ते का शिकार करने का मामला काफी चर्चित रहा था।

सवा साल पहले गोमुख कुण्ड में गिरने से हुई थी शावक की मौत

बाघिन सुल्ताना ने करीब डेढ़ साल पहले दो शावकों को जन्म दिया था। इनमें एक शावक मिश्रदर्रा गेट स्थित गौ मुख कुण्ड में गिर गया था। वहीं दूसरा शावक भी फिलहाल गुम है। जिसके बाद अब बाघिन फिर से मां बनी है। पहली बार बाघिन अपने दो नए शावकों के साथ 8 नवम्बर 2020 में अमरेश्वर वन क्षेत्र में ट्रेप हुई थी।

इनका कहना है...
आरोपीटी रेज में बाघिन टी-107 एक शावक के साथ फोटो ट्रेप कैमरे में कैद हुई है। बाघिन द्वारा और शावकों को जन्म देने की संभावना है। एहतियात के तौर पर ट्रेकिंग कराई जा रही है।
मोहित गुप्ता, डीएफओ, रणथम्भौर बाघ परियोजना